प्राचीन जैन तीर्थ नवागढ़ में तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव नवागढ़ गुरुकुलम के बच्चों के साथ भक्तिपूर्वक मनाया गया। शांतिधारा, पूजन एवं निर्वाण लाडू चढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं ने इस पर्व को श्रद्धा से मनाया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
ललितपुर। प्राचीन अतिशय तीर्थ नवागढ़ में श्री पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और संगीतमय विधान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों और क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के साथ ब्रह्मचारी श्री जय कुमार जी निशांत जी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कमेटी के प्रचारमंत्री डॉ. सुनील संचय ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भूगर्भ से प्रकटित भगवान अरनाथ स्वामी के भोंयरे (सातवीं सदी) में अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ। बच्चों ने अपनी श्रद्धा राशि समर्पित कर भगवान अरनाथ की शांतिधारा की।
विधान बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा से संपन्न
इसके पश्चात नवागढ़ गुरुकुलम के छात्र-छात्राओं ने भगवान पार्श्वनाथ का विधान बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा से संपन्न किया। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र कुमार जैन व कुसुमलता जैन (ग्वालियर) परिवार द्वारा निर्वाण लाडू समर्पित किया गया, वहीं श्री दिनेश कुमार जैन खजांची परिवार (ग्वालियर) के द्वारा श्रद्धालुओं हेतु वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई।
उपसर्गों एवं क्षमाशीलता की प्रेरक कथा सुनाई
समापन अवसर पर क्षेत्र महामंत्री वीरचंद्र नैकोरा एवं ब्रह्मचारी श्री जय निशांत जी भैयाजी ने भगवान पार्श्वनाथ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा सहन किए गए उपसर्गों एवं क्षमाशीलता की प्रेरक कथा सुनाई। श्रद्धालुओं ने निर्वाण कांड का सामूहिक वाचन कर, निर्वाण लाडू चढ़ा कर मोक्ष महोत्सव में भागीदारी की। इस अवसर पर अनेक स्थानों से श्रद्धालु पहुंचे एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में तीर्थ क्षेत्र समिति नवागढ़ और गुरुकुलम के पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।













Add Comment