निमियाघाट में परम तपस्वी अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का मंगल आगमन हुआ । भगवान महावीर के बाद सिंह निष्क्रिड़ित व्रत जैसी कठोर तपस्या करने वाले परम संत आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज के सानिध्य में निमियाघाट में 18 से 22 फरवरी तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होगा । विस्तार से पढ़िए, कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा की यह रिपोर्ट।
आचार्य श्री सम्मेद शिखर जी के पर्वतराज पर 557 दिन की मौन साधना कर निमियाघाट में विराजमान है । यहां का माहौल अतिशय क्षेत्र जैसा हो गया है । लगभग 21 पीछी के साथ माहौल अलग सा प्रतीक हो रहा है । आचार्य श्री के सानिध्य में निमियाघाट का कायापलट हो गया है ।

हर चीज की अति जीवन में उत्थान में बाधक-आचार्य मुनि श्री प्रसन्न सागर जी महाराज
आज आचार्य श्री के निर्देशन में अभिषेक शांति धारा के साथ सभी भक्तों को मंगल आशीर्वाद देते हुए अपने प्रवचन में बताया कि जीवन की कुछ समस्याएं ऐसी भी है, जो नज़रिया बदलने से सब कुछ बदल जाता है । यदि व्यक्ति नशे में धुत होकर, रात छत पर जाकर लेटे, तो उसे एक चांद के अनेक चांद ही चांद दिखाई देते हैं। ये नजर का नशा निगाहों को भटका देता है। आज सब ने कोई ना कोई नशा पाल रखा है फिर वो नशा चाहे – रूप सौन्दर्य का हो,धन दौलत का हो, पार्लर जाने का हो, रेस्टोरेंट का हो, गुटखा तम्बाकू खाने का हो,दिन भर चटर-पटर खाने का हो, लड़ने-लड़ाने का हो, पद पैसा नाम ख्याति पहचान का हो । नशा चढ़ते ही हम मदहोश हो जाते हैं और फिर इन्सान को इन्सान नहीं समझते । हर चीज की अति जीवन के तबाह होने के लिए संकेत देती है । यदि किसी चीज की अति आपके जीवन के उत्थान में बाधक बन रही है तो समझदारी इसी में है कि हम उस बुराई की अति से बाहर आ जाएं । जीव मात्र के प्रति प्रेम अपनत्व उत्साह और स्वयं जीवन के प्रति प्रेम करुणा से भर जाएं । फिर देखो जीवन में नशा कैसे पलायन नहीं करता ।
प्रवचन पश्चात हुआ संतों का समागम
प्रवचन उपरांत आचार्य श्री 108 गुणधर नंदी की मुनिराज का मंगल मिलन हुवा आचार्य श्री पहाड़ की परिक्रमा कर पधारे थे इसके बाद सभी साधु गण का आहार चर्या हुआ । साथ ही आज अन्तर्मना गुरुदेव का निरन्तराय आहार के साथ सभी साधु गण का निरन्तराय आहार हुवा।आहार के बाद गुरु भक्ति ,दिन में क्लास संध्या में आरती के साथ भव्य गुरुभक्ति भक्तों के द्वारा किया गया । अभी यहां प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में गुरुभक्त पधार रहे हैं । पंचकल्याणक के सभी कार्यक्रम उपाध्याय सौम्य मूर्ति मुनि श्री 108 पीयूष सागर जी महाराज के निर्देशन में हो रहा है।













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