संगठित समाज का व्यक्ति अनुशासन में रहता है, साथ ही वह अपनी समाज के रीतिरिवाजों एवं संस्कृति के विपरीत कार्य करता है। उक्त उद्गार अखिल भारतीय जैसवाल जैन उपरोचियां सेवा न्यास के महामंत्री सीए कमलेश जैन गुरुग्राम ने अजमेर के बिड़ला वाटर पार्क में अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह के राष्ट्रीय अधिवेशन में उपस्थित क्षेत्रीय संयोजकों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
अजमेर। संगठित समाज में रहकर ही व्यक्ति अनुशासन सीखता है, समाज में रहकर ही व्यक्ति अपनी संस्कृति और रीतिरिवाजों को सीखता है। सभी सामाजिक स्वयं सेवी संगठनों का कर्तव्य है कि वे आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं अपनी रीतिरिवाजों से अवश्य परिचित कराएं। असंगठित समाज का व्यक्ति अनुशासन में रहता है, साथ ही वह अपनी समाज के रीतिरिवाजों एवं संस्कृति के विपरीत कार्य करता है। उक्त उद्गार अखिल भारतीय जैसवाल जैन उपरोचियां सेवा न्यास के महामंत्री सीए कमलेश जैन गुरुग्राम ने अजमेर के बिड़ला वाटर पार्क में अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह के राष्ट्रीय अधिवेशन में उपस्थित क्षेत्रीय संयोजकों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
ये कार्यक्रम भी हुए
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवा भावी संस्था अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह का द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार 4 अगस्त को बिड़ला वाटर पार्क अजमेर में विगत दिवस संपन्न हुआ। अप्रप्रस के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक मनोज जैन नायक ने बताया कि समारोह के प्रथम सत्र में श्रावक श्रेष्ठी पवन जैन बिड़ला अजमेर, सीए कमलेश जैन गुरुग्राम, सुनील जैन ढिलवारी अजमेर, सुदीप जैन गुरुग्राम, रूपेश जैन चांदी आगरा, बालचंद जैन ग्वालियर ने चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलित किया। राष्ट्रीय संयोजक रूपेश जैन उत्तम नगर दिल्ली ने स्वागत भाषण एवम अजय जैन शिवपुरी ने संस्था की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। राष्ट्रीय संयोजक रविंद्र जैन जमूसर भोपाल ने संचालन करते हुए बताया कि देशभर की 50 शैलियों से आए हुए 150 से अधिक क्षेत्रीय संयोजकों ने अपने अपने परिचय के साथ विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी को एकजुटता के साथ प्रयास करना चाहिए जिससे हमारी समाज एवम धर्म की संस्कृति एवम संस्कार सुरक्षित बने रहें। हमारी युवा पीढ़ी समाज से जुड़ी रहकर समाज की संस्कृति के विरुद्ध कोई कार्य न करे। हम सभी को उनके सगाई विवाह आदि में भी पूर्ण सहयोग करना चाहिए। साल में कमसे कम चार छः बार विभिन्न शैलियों में युवाओं और अभिभावकों की कार्यशाला/काउंसिलिंग आयोजित होना चाहिए। प्रथम काउंसिलिंग मुरैना एवं द्वितीय काउंसिलिंग अजमेर में होना सुनिश्चित हुआ । सभी ने अलग अलग ग्रुप मीटिंग में प्रस्ताव तैयार कर शीर्ष नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत किए।
बॉयोडाटा का डिजिटल विमोचन
द्वितीय सत्र में अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह के परम शिरोमणी संरक्षकों एवं राष्ट्रीय संरक्षकों की उपस्थिति में सभी प्रस्तावों को अनुमोदना हेतु प्रस्तुत किया गया। जिसे सभी वरिष्ठ नेतृत्व ने काफी विचार विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की । समाज के बच्चों के 2000 बॉयोडाटा का डिजिटल विमोचन हुआ, जिन्हें अब प्रत्येक दिन 1-1शैली करके व्हाट्सएप ग्रुप में आमजन के लिये प्रकाशित किया जावेगा।अधिवेशन में अजमेर शैली ने सभी पधारे हुए बंधुओं की अति सुंदर आवास, यातायात एवम भोजनादि की व्यवस्था की। अजमेर जैन समाज के अध्यक्ष पवन जैन बढ़ारी बिड़ला वाटर पार्क के नेतृत्व में स्थानीय क्षेत्रीय संयोजकों ने सभी का आत्मीय स्वागत सत्कार किया । इस बार के अधिवेशन में काफी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति भी रही। सभी ने अपने अपने विचार भी प्रस्तुत किए । कार्यक्रम में वीरेंद्र जैन बाड़मेर, अनिल जैन बंधु मकराना, मनोज जैन कोटा, अजीत जैन, संजय जैन आगरा, नरेश जैन, प्रवीण जैन बड़ोदरा, सुरेशचंद जैन साउथ एक्स, सगुनचंद जैन दिल्ली, अतुल जैन आगरा, राजकुमार जैन आगरा सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्थिति थी ।











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