प्रायः व्यक्ति कामचलाऊ जिंदगी के लिए ही सोचता है। दुनिया में आवश्यकताएं इतनी बढ़ती जाती हैं कि एक पूरी करते ही दूसरी सामने खड़ी हो जाती है। मनुष्य जीवन में इच्छाएं कभी समाप्त नहीं होतीं। यह विचार दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। थूवोनजी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर…
थूवोनजी। प्रायः व्यक्ति कामचलाऊ जिंदगी के लिए ही सोचता है। दुनिया में आवश्यकताएं इतनी बढ़ती जाती हैं कि एक पूरी करते ही दूसरी सामने खड़ी हो जाती है। मनुष्य जीवन में इच्छाएं कभी समाप्त नहीं होतीं। यह विचार दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि निगोद से पंचइेंद्रियों की प्राप्ति तक का संघर्ष और इसके बाद मनुष्य पर्याय प्राप्त करने की चाह निरंतर चलती रहती है। आज हमें जो मानव जन्म मिला है, उसे भोग-विलास में न गंवाते हुए परमार्थ में लगाना चाहिए। ऐसा कार्य करें जिससे जगत में रहते हुए आपकी कीर्ति बढ़े और मानव जीवन सफल हो सके। क्षेत्र कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि 18 नवंबर को दर्शनोदय तीर्थ, थूवोनजी में देशभर से तीर्थ क्षेत्र कमेटियों के पदाधिकारी पहुंच रहे हैं। मध्यान्ह में मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में राष्ट्रीय नैमित्तिक सम्मेलन होगा। इस सम्मेलन में तीर्थ क्षेत्र के विकास, तकनीकी प्रगति को सकारात्मक दिशा देने तथा विभिन्न समितियों द्वारा अपने अनुभव साझा कर संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा होगी। सम्मेलन में पूर्व डीजीपी एवं प्रधानमंत्री के विशेष सुरक्षा अधिकारी रहे शांतकुमार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। दर्शनोदय तीर्थ के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र रोकड़िया, संजीव श्रागर, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल, दीप मंत्री शैलेन्द्र दददा, राजेंद्र हलवाई, प्रदीप रानी जैन, अनिल बंसल, डॉ. जितेंद्र जैन, प्रचार मंत्री विजय धुर्रा, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर अक्षय अमरोद, समाज अध्यक्ष राकेश कंसल, महामंत्री राकेश अमरोद सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी से सम्मेलन में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
पहली बार श्री सुधासागर प्रीमियर लीग’ में देशभर से आएंगी टीम
कार्यक्रम संयोजक विपिन सिंघई ने बताया कि क्षेत्र के प्रमुख अतिशय क्षेत्र दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में पहली बार गुरुदेव के नाम से भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट किया जा रहा है। इस लीग में देशभर की 16 प्रमुख तीर्थ क्षेत्र कमेटियों को आमंत्रित किया गया है। जिन्हें मुनिश्री सुधासागरजी महाराज का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। सभी टीमें 18 नवंबर को प्रातः 7. 30 बजे क्रिकेट मैदान में एकत्रित होंगी। जहां मार्चपास्ट के बाद गुरुदेव को नमोस्तु, फिर राष्ट्रगान एवं भव्य परेड के साथ टूर्नामेंट का शुभारंभ होगा। यह टूर्नामेंट दो दिन तक चलेगा।
आचार्य श्री ने कभी नहीं कहा कि वे अपने गुरु के सामने ऊंचे आसन पर बैठे
महाराज श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि जंगल में यदि तुम्हारी गाड़ी की लाइट बंद हो जाए तो सामने से आ रही लाइट वाली गाड़ी के पीछे चल पड़ो, तुम अपना गंतव्य पा लोगे। ऐसे ही तुम मुनि नहीं बन सकते, लेकिन मुनि महाराज के पीछे लगकर अपना कल्याण कर सकते हो। एक बार हमने आचार्य श्री ज्ञानसागरजी महाराज को पूछा कि आपको गुरु बनाकर ऊंचे सिंहासन पर बिठाया गया और गुरु महाराज नीचे बैठ गए। इस पर उन्होंने कहा कि तुम लोग व्यर्थ की खुराफातें करते हो।’ राजस्थान के भक्त कई बातें बताते लेकिन, कभी भी आचार्य भगवंत ने यह नहीं कहा कि उनके गुरु नीचे बैठ गए। यही महान आत्माओं की विशेषता होती है। यदि किसी और को ऐसा अवसर मिलता तो वह 10 बार बताता, लेकिन आचार्य श्री के मुख से कभी नहीं निकला कि वे अपने गुरु के सामने ऊपर बैठे।













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