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श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रातभर गूंजे णमोकार महामंत्र : भगवान महावीर की वंदना से पूरा परिसर गूंज उठा

अंबाह। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष अमित जैन टकसारी और उनकी कार्यकारिणी द्वारा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में नव वर्ष की रात्रि णमोकार महामंत्र पाठ का जाप किया गया। शाम 7 बजे पूजा-अर्चना के बाद णमोकार मंत्र का जाप शुरू किया गया। इस दौरान भगवान महावीर की वंदना से पूरा परिसर गूंज उठा। यह पाठ देर रात्रि नव वर्ष के आगमन तक किया गया, जिससे पूरे मंदिर का परिसर वातावरण धर्ममय हो गया।

दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष अमित जैन टकसारी ने बताया कि णमोकार महामंत्र को जैन धर्म का परम पवित्र और अनादि मूल मंत्र माना जाता है। इसमें किसी व्यक्ति का नहीं, किंतु संपूर्ण रूप से विकसित और विकासमान विशुद्ध आत्मस्वरूप का दर्शन, स्मरण, चिंतन, ध्यान एवं अनुभव किया जाता है। इसलिए यह अनादि और अक्षय स्वरूपी मंत्र है। कुलदीप जैन ने कहा कि यह लोकोत्तर मंत्र है। यह मंत्र णमोकार मंत्र बहुत आत्म-सहायक है। आत्म विशुद्धि और मुक्ति के लिए नियमित रूप से णमोकार मंत्र का जाप करना चाहिए।

णमोकार मंत्र सर्वकार्य सिद्धिकारक लोकोत्तर मंत्र माना जाता है

संतोष जैन ने बताया कि लौकिक मंत्र आदि सिर्फ लौकिक लाभ पहुंचाते हैं, किंतु लोकोत्तर मंत्र लौकिक और लोकोत्तर दोनों कार्य सिद्ध करते हैं। इसलिए णमोकार मंत्र सर्वकार्य सिद्धिकारक लोकोत्तर मंत्र माना जाता है। णमोकार-स्मरण से अनेक लोगों के रोग, दरिद्रता, भय, विपत्तियां दूर होने की अनुभव सिद्ध घटनाएं सुनी जाती हैं। मन चाहे काम आसानी से बन जाने के अनुभव भी सुने हैं। अतः यह निश्चित रूप में माना जा सकता है कि णमोकार मंत्र हमें जीवन की समस्याओं, कठिनाईंयों, चिंताओं, बाधाओं से पार पहुंचाने में सबसे बड़ा आत्म-सहायक है। इसलिए इस मंत्र का नियमित जाप करना बताया गया है।

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