इंदौर में नवनिर्मित श्री नागेश्वर पंच पार्श्वनाथ सप्त तीर्थ जिनालय की प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त 11 नवंबर के लिए घोषित किया गया। प्रतिष्ठा में 100 से अधिक साधु-संतों के निश्रा का योग रहेगा। नरीमन सिटी के इस भव्य मंदिर में प्रतिमाएं, तीर्थमंडन और पूजन अनुष्ठान के साथ हर पूनम को भक्ति महोत्सव का आयोजन होता है। पढ़िए प्रदीप जैन की विस्तृत खबर…
इंदौर। इंदौर के नरीमन सिटी क्षेत्र में निर्माणाधीन भव्य श्री नागेश्वर पंच पार्श्वनाथ सप्त तीर्थ जिनालय की प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त घोषित कर दिया गया है। यह प्रतिष्ठा 11 नवंबर 2025 (मंगलवार) को मगसर वदी सप्तमी, विक्रम संवत 2082 को आयोजित होगी। प्रतिष्ठा समारोह में 100 से अधिक साधु-संत निश्रा प्रदान करेंगे। यह शुभ मुहूर्त तिलक नगर स्थित श्री तिलेश्वर जैन उपाश्रय में चातुर्मास पर विराजमान पूज्य आचार्य नयचंद्रसागर सूरीजी म.सा. एवं साध्वी श्री हेमप्रज्ञा जी म.सा. की निश्रा में घोषित हुआ। जैसे ही आचार्य श्री ने मुहूर्त वाचन किया, नरीमन श्री संघ में उल्लास और जयकारों की गूंज छा गई।
इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारी निलेश पोरवाल, आर.सी. जैन, विजय जैन गोटेवाला, प्रवीण गुरुजी, संदीप पोरवाल, व श्रद्धालुजन जैसे सिसोदिया जी, संदीप जैन, ऋषभ शाह, प्रदीप जैन, अंकित सिसोदिया आदि उपस्थित रहे।
भव्य तीर्थ विशेषताएँ
नरीमन सिटी, MR5 रोड पर स्थित यह जिनालय दादा नागेश्वर पार्श्वनाथ की 11 फीट ऊँची हूबहू प्रतिमा के साथ स्थापित किया गया है। इसके साथ श्री जीरावला, श्री अंतरिक्ष, श्री नाकोड़ा, और श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ की प्रतिमाएं भी विराजित हैं।
यहां भगवान महावीर की जन्मस्थली लछवाड़ जैसे महावीर मंडण, गिरनार तीर्थ जैसे नेमिनाथ मंडण, 45 आगम पुरुष युक्त मंदिर, नवग्रह पूजित परमाता, देवी-देवताओं के बिंब और गुरु मंदिर भी निर्मित हैं।
हर पूनम पर आयोजन
इस जिनालय में प्रति पूनम अभिषेक, पूजन, भाता वितरण और भक्ति संध्या का आयोजन होता है। इससे पहले पंचदिवसीय अंजनशलाका महोत्सव भी भव्य रूप से संपन्न हो चुका है।













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