आर के पुरम स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी मंदिर में 9 सितम्बर को भव्य महामंडल विधान सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कुमारी आकांक्षा जैन ने पयूषण पर्व पर 10 उपवास की साधना पूर्ण कर प्रेरणा दी। पढ़िए पारस जैन “पार्श्वमणि” की रिपोर्ट…
कोटा। आर के पुरम स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी मंदिर में 9 सितम्बर को महामंडल विधान बड़े हर्ष और श्रद्धा भाव से सम्पन्न हुआ। मंदिर समिति अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि ज्ञान चंद जैन, संजय जैन, श्रीमती तृप्ति जैन सहित पूरे परिवार की ओर से विधान किया गया। विधान उपरांत वात्सल्य भोज का आयोजन भी हुआ।
मंदिर समिति के प्रचार-प्रसार मंत्री पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार ने बताया कि कार्यक्रम में आयुष जैन एंड पार्टी ने सुमधुर भक्ति धुनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। भक्तगणों ने भक्ति नृत्य कर आनंद लिया।
विज्ञान नगर जैन मंदिर में गुरु मां विभा श्री माताजी ससंघ के मंगलमय सान्निध्य में कुमारी आकांक्षा जैन ने पयूषण पर्व के उपलक्ष्य में 10 उपवास की साधना पूर्ण की। आकांक्षा जैन की विशेषता यह है कि उन्होंने परम पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज का चित्र अपने हाथों से बनाकर उन्हें अर्पित किया था। इसके बाद उन्होंने पूरे संघ के संतों के चित्र भी स्वयं बनाए। यह उनकी अद्वितीय कला और श्रद्धा का परिचायक है।
जैन परिवार समाज सेवा और दानवीरता के लिए विख्यात
ज्ञान चंद जैन एवं संजय-तृप्ति जैन परिवार समाज सेवा और दानवीरता के लिए विख्यात हैं। पारस जैन “पार्श्वमणि” ने बताया कि संजय जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में जो भी उपलब्धि मिली है, वह माता-पिता के संस्कार और गुरुजनों के आशीर्वाद का परिणाम है। विधान के अवसर पर मंदिर समिति के कार्याध्यक्ष प्रकाश जैन, उपाध्यक्ष लोकेश जैन, भागचंद मित्तल, चंद्रेश जैन, महामंत्री अनुज जैन, कोषाध्यक्ष ज्ञान चंद जैन, महावीर जैन, पदम जैन, राजेश जैन और विमल जैन उपस्थित रहे।













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