महाराष्ट्र के नांद्रे स्थित भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सिद्धसागर जी महाराज का 24वां अवतरण दिवस भक्ति पूर्वक मनाया गया। शोभायात्रा, 1008 दीपों की महाआरती और आहार चर्या जैसे विविध कार्यक्रमों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
नांद्रे (महाराष्ट्र)। भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर नांद्रे में पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी के शिष्य मुनि श्री सिद्धसागर जी महाराज का 24वां अवतरण दिवस भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुनि श्री सिद्धसागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी का जन्म मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रूर ग्राम में हुआ। कभी यह नगर डाकुओं के नाम से प्रसिद्ध था, लेकिन आचार्य श्री की पुण्य प्रभावना से आज यह साधुओं की नगरी के रूप में पूरे भारत में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि मेरा भी जन्म उसी घर में हुआ, जहाँ आचार्य श्री का जन्म हुआ। आचार्य श्री ने हजारों युवाओं को धर्ममार्ग पर लगाया, सैकड़ों को व्रती बनाया और 70 से अधिक युवाओं को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान कर जिनशासन को वर्धमान किया।
24 पालखियों में प्रतिमा रखकर निकाला जुलूस
कार्यक्रम में भगवान महावीर जैन मंदिर में 1008 दीपों से महाआरती की गई और 24 पालखियों में भगवान की प्रतिमा रखकर भव्य जुलूस निकाला गया। आहार चर्या नांद्रे निवासी अक्षय पाचोरे के घर सम्पन्न हुई, जिसमें अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने सहयोग किया।
इस अवसर पर मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्रुतसागर महाराज जी एवं जिनसेन भट्टारक महास्वामीजी ने मुनि श्री सिद्धसागर जी को आशीर्वचन और शुभकामनाएँ दीं। नांद्रे की श्राविकाओं द्वारा अष्टद्रव्य से पूजन भी किया गया। अवसर पर सर्वज्ञ मेहता परिवार (अक्कलकोट) ने मुनि श्री को नई पिच्छी भेट की। रंगोली आर्टिस्ट प्राजक्ता सालोखे (जयसिंगपुर) ने मुनि श्री की विशेष रंगोली बनाकर कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया।
पूरे आयोजन में मंदिर समिति अध्यक्ष जिनेश्वर पाटील, अनिल पाचोरे, सुधीर चौधरी सहित नांद्रे एवं आसपास के सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोल्हापुर के अभिषेक पाटील, हिमांशु जैन, अतिशय जैन, सौरभ गाट, सुप्रिया गाट आदि ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भक्ति और धर्मभाव से मुनि श्री सिद्धसागर जी महाराज के अवतरण दिवस को अविस्मरणीय बना दिया।













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