मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, श्रमण मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्री श्रुत सागर जी सोनगांव में विराजमान हैं। उनका विहार नांद्रे की ओर हो रहा है। मुनिश्री सारस्वतसागर जी की 2 जुलाई 2025 को नांद्रे के श्री भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में अगवानी की जाएगी। नांद्रे से पढ़िए, यह खबर…
नांद्रे। पट्टाचार्य विशुद्ध सागरजी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, श्रमण मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्री श्रुत सागर जी सोनगांव में विराजमान हैं। उनका विहार नांद्रे की ओर हो रहा है। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष श्री अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने बताया कि मुनि श्री सारस्वतसागर जी ससंघ का मंगल चातुर्मास श्री जिन देशना वर्षायोग 2025 नांद्रे नगरी में होने जा रहा है। नांद्रे की धरा में होने वाले पावन वर्षायोग के शुभ निमित मुनिश्री सारस्वतसागर जी की 2 जुलाई 2025 को नांद्रे के श्री भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में अगवानी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अवसर है इतिहास रचने का, धर्मप्रभावना का, धर्म ध्वजा लहराने का यह अवसर है तो जो मुनिराज हमारे लिए ये सब लेकर आ रहे हैं। उनकी अगवानी में हम अपनी पलके बिछा रहे हैं। मुनिश्री सारस्वत सागर जी ससंघ का नांद्रे में मंगल प्रवेश होगा तब भिलवड़ी से ढोल मंजीरों, तोरणद्वारों के साथ समाजजन साधु परमेष्ठि के पाद प्रक्षालन कर अगवानी करेंगे। उन्होंने बताया कि इस चातुर्मास के आयोजक श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर,नांद्रे हैं। निवेदक सकल दिगम्बर जैन समाज समिति, नांद्रे है।













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