समाचार

मुनिश्री मनोज्ञसागर जी का संल्लेखना पूर्ण समाधि मरण : इंदौर दिगंबर जैन समाज ने विनयांजलि अर्पित की 


पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी शिष्य पूज्य मुनि श्री मनोज्ञसागर जी महाराज का संल्लेखनापूर्वक समाधि मरण मंगलवार 2026 को रात 10.05 बजे आचार्य वैराग्यनंदी जी महाराज संसघ के सानिध्य में शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर जी की पावन धरा पर हुआ। इंदौर से पढ़िए, डॉ. जैनेंद्र जैन की यह रिपोर्ट…


 इंदौर। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी शिष्य पूज्य मुनि श्री मनोज्ञसागर जी महाराज का संल्लेखनापूर्वक समाधि मरण मंगलवार 2026 को रात 10.05 बजे आचार्य वैराग्यनंदी जी महाराज संसघ के सानिध्य में शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर जी की पावन धरा पर हुआ।

पूज्य मुनि श्री के श्री चरणों में कोटि-कोटि नमन। इंदौर दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अमित कासलीवाल डॉ.जैनेंद्र जैन, आजाद जैन, सुशील पांड्या, भूपेंद्र जैन, हंसमुख गांधी, टीके वेद आदि समाजजन ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में आचार्यश्री विशुद्धसागरजी महाराज का आचार्य पद ग्रहण करने के बाद सर्वप्रथम इंदौर नगर में शुभागमन हुआ और बुंदेलखंड बहुल क्षेत्र छत्रपति नगर में उनका वर्षायोग स्थापित हुआ था। तब आचार्य श्री के संघ में आचार्य श्री के साथ ऐलक के रूप में संघस्थ थे मनोज्ञ सागर जी। आचार्यश्री के वर्षायोग निष्ठापन के बाद आचार्य श्री ने छत्रपति नगर के दलाल बाग में मनोज्ञसागरजी को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान कर मुनि मनोज्ञ सागर बना दिया, जिसकी स्मृति हजारों लोगों के हृदय पटल पर अंकित हैं। आप पिछले काफी समय से अस्वस्थ थे और शिखरजी में साधनारत थे। उनकी संल्लेखना समाधि से हम संतप्त हैं और उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हैं।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page