मां अहिल्या की नगरी इंदौर के पुण्य उदय से श्रमण संस्कृति के समाधीस्ट महामहिम संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी एवं नवाचार्य समय सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विनम्र सागर जी, मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी, मुनि श्री निसर्ग सागर जी, क्षुल्लक श्री हीरक सागर जी संसघ का इंदौर नगर में चर्चित मिनी बुंदेलखंड खंड के नाम से धर्म नगरी छत्रपति नगर में ऐतिहासिक भव्य मंगल प्रवेश हुआ। राजबाड़ा पर श्वेतांबर समाज के साधुओं ने अगवानी कर मंगलमय मिलन हुआ।पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। शहर की पहचान स्वच्छ शहर के रूप में है अब इंदौर को गुरु भक्ति के रूप में भी जाना जाएगा। मां अहिल्या की नगरी इंदौर के पुण्य उदय से श्रमण संस्कृति के समाधीस्ट महामहिम संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी एवं नवाचार्य समय सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विनम्र सागर जी, मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी, मुनि श्री निसर्ग सागर जी, क्षुल्लक श्री हीरक सागर जी संसघ का इंदौर नगर में चर्चित मिनी बुंदेलखंड खंड के नाम से धर्म नगरी छत्रपति नगर में ऐतिहासिक भव्य मंगल प्रवेश हुआ। राजबाड़ा पर श्वेतांबर समाज के साधुओं ने अगवानी कर मंगलमय मिलन हुआ।तत्पश्चात् शोभा यात्रा का राजबाड़ा से प्रारंभ होकर खजुरी बाजार गोराकुड से मल्हारगंज से बड़े गणपति से होते हुए धर्म नगरी छत्रपति नगर आदिनाथ जिनालय में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
रास्ते में जगह-जगह गुरु देव के पाप प्रक्षालन एवं आरती समाज जनों द्वारा की गई। मार्ग में जगह-जगह बनाए गए स्वागत मंचों से मुनि श्री संसघ का अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा यात्रा में पुरुष वर्ग श्वेत वस्त्र में और महिलाएं पचरंगी ध्वज लेकर केसरिया साड़ी में चल रही थीं। शोभा यात्रा छत्रपति नगर जिनालय पहुंचने पर आदिनाथ जिनालय के ट्रस्टी जनों ने मुख्य द्वार पर मुनि श्री संसघ के पाद प्रक्षालन किया। इसके बाद मंदिर में प्रवेश हुआ। तत्पश्चात् गुरु देव के मंगल प्रवचन हुए।
मुनि श्री ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां का वातावरण और प्रदर्शन और आप सब की गुरु भक्ति इस बात का प्रमाण है कि आप सब की भक्ति देखकर महसूस हुआ कि आपके हृदय में धर्म और संतों के प्रति श्रद्धा और भक्ति कूट-कूट कर भरी हुई है। ऐसी श्रद्धा और भक्ति को जीवन की निधि बनाकर रखें आपका जीवन शुभ मंगल और सार्थक हो जाएगा। शोभायात्रा और प्रवचन में इंदौर नगर के वरिष्ठ समाजसेवी दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के मंत्री डॉ जैनेन्द्र जैन, हंसमुख गांधी, मनोज मुकेश बाकलीवाल, मनीष नायक, कमल जैन चेलेजर, प्रकाश चंद जैन, रमेश जैन, निलेश जैन, संजय कासलीवाल, अखिलेश सोधिया, राजेन्द्र नायक, प्रदीप बडजात्या, कमल रावका, राकेश चेतक, प्रदीप बल्ला, परवार समाज महिला संगठन की अध्यक्ष मुक्ता जैन, अंकिता जैन, रजनी जैन, समता सोधीया, पद्मजा नायक आदि समाज जन उपस्थित थे। धर्म सभा का संचालन विपुल बांझल ने किया और आभार भुपेंद्र जैन ने माना।













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