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मुनि श्री साध्य सागर जी बच्चों को सरस्वती मंत्र किए वितरित: शरद पूर्णिमा पर आचार्यों के अवतरण दिवस पर किया उनका स्मरण 


नगर में विराजमान युगल मुनिराज मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी महाराज एवं मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज के सानिध्य में कुंवार सुदी पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने समाज के बच्चों को सरस्वती मंत्र का पाठ करवा कर ज्ञान को अभिवृद्धि करने के लिए मंत्र वितरित किए। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…


सनावद। नगर में विराजमान युगल मुनिराज मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी महाराज एवं मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज के सानिध्य में कुंवार सुदी पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मुनि श्री विश्व सूर्यसागर जी महाराज एवं मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज ने बताया कि आज के दिन जैन धर्म की 3 बड़ी विभूतियों ने भी जन्म लिया है। जो आज जैन जगत के सर्वाेच्च पद को सुशोभित कर रहे हैं।

आज के दिन जैन जगत के सर्वाेच्च संत समाधिस्थ शिरोमणी आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज, आचार्य श्री समय सागर जी महाराज एवं जैन जगत की सर्वाेच्च साध्वी आर्यिका ज्ञानमति माताजी का इस धरती पर अवतरण हुआ था। इस पावन अवसर पर मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने समाज के बच्चों को सरस्वती मंत्र का पाठ करवा कर ज्ञान को अभिवृद्धि करने के लिए मंत्र वितरित किए। इस अवसर पर गवाक्षी, घनिष्का, आराध्या, विधान, अभियांशु, विभव, नव्या, साक्षी, हितार्थ, सहित अनेक बच्चे एवं समाजजन उपस्थित थे।

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