अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के आठवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर मुनि श्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सही मायने में त्याग के बिना कोई भी धर्म जीवित नहीं रह सकता। धर्म तथा आत्मा को जीवित रखने के लिए त्याग नितांत जरूरी है। पढ़िए रेखा संजय जैन की यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के 15वें दिन व पर्युषण पर्व के आठवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ धर्म प्रभावना हुई। सर्वप्रथम श्रीजी के अभिषेक और शांति धारा हुई। तत्पश्चात मंगलाचरण की प्रस्तुति मालती जैन ने दी। मुनि श्री के पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट के पुण्यार्जक राजकुमार झांझरी परिवार, अशोक कुमार माला जैन, महेंद्र कुमार लता बज परिवार रहे।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने कहा दसलक्षण धर्म का आठवां कदम ‘उत्तम त्याग धर्म’। यह कदम व्यक्ति पूर्ण त्याग या मर्यादित रहने का उपदेश देता है। सही मायने में त्याग के बिना कोई भी धर्म जीवित नहीं रह सकता। धर्म तथा आत्मा को जीवित रखने के लिए त्याग नितांत जरूरी है।
समस्त जड़ वस्तु का त्याग करने वाला ही मुक्ति को प्राप्त कर पाता है। धर्म के साथ त्याग ही ‘उत्तम त्याग’ है और पुण्य का कारण भी। जर-जोरू-जमीन कोमन, वचन और काय के साथ त्याग करना ही धर्म है नहीं तो मात्र त्याग है। इन तीनों का उपयोग धर्म कार्य में किया जाए तो संसार में सुख, शांति और समृद्धि के साथ मोक्ष मिलती है।
जर (संपत्ति) का उपयोग अध्यात्म की उन्नति के मन्दिर बनवाएं और व्यक्तियों के अन्दर वात्सल्य और उपकार की भावना और राष्ट्र विकास के लिए अस्पताल, स्कूल और व्यक्ति में मानवता जाग्रत करने के लिए करें। जोरु (स्त्री) को भोग का नहीं, धर्म का साधन मानें।
भोग का साधन मानने वालों के लिए वह काली दुर्गा है और धर्म का साधन मानने वालों के लिए सरस्वती, लक्ष्मी है। जमीन का उपयोग मन्दिर, साधना केंद्र अनाथों के लिए घर और जीवनयापन के लिए खेती के उपयोग में करें, तभी भगवान आदिनाथ का कृषि कर्म पूरा होगा।
ये भी रहे मौजूद
इस अवसर पर धर्म सभा में समाज अध्यक्ष एल.सी. जैन, सचिव महावीर जैन, पवन मोदी, महावीर सेठ, सत्येंद्र जैन, आनंद पहाड़िया, राजेश जैन, लाल मंदिर कनाडिया रोड महिला मंडल, कमलेश जैन, टीना जैन व अन्य समाजजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन महावीर जैन ने किया।












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