आचार्य श्री विद्यासागरजी के शिष्य विद्या प्रमाण गुरुकुलम के जनक गुणायतन शंका समाधान के प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने राजधानी भोपाल में 8 माह तक लगातार प्रवास कर तथा भोपाल को एक नई सौगात विद्या प्रमाण गुरुकुलम् के रूप में देकर विदिशा की ओर मंगल विहार किया। विदिशा से पढ़िए, यह खबर…
विदिशा। आचार्य श्री विद्यासागरजी के शिष्य विद्या प्रमाण गुरुकुलम के जनक गुणायतन शंका समाधान के प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने राजधानी भोपाल में 8 माह तक लगातार प्रवास कर तथा भोपाल को एक नई सौगात विद्या प्रमाण गुरुकुलम् के रूप में देकर विदिशा की ओर मंगल विहार किया। सकल दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया मुनि श्री का संघ सहित रात्रि विश्राम सूखी सिंवनिया में होगा एवं 15 नवंबर शनिवार की आहार चर्या ज्ञानोदय तीर्थ दीवानगंज में होगी तथा 16 नवंबर को आहारचर्या सांची दिगंबर जैन मंदिर में होकर दोपहर पश्चात विदिशा नगर में मंगल प्रवेश होगा।
यह इस धरती का ही कोई सुयोग्य था…
प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया भोपाल के लोग गुरु विछोह की वेदना को महसूस कर रहे हैं। वहीं विदिशा नगर वासियों में अपार उत्साह है अपने गुरुदेव की मंगल अगवानी का। श्री दिगंबर जैन शीतलविहार न्यास श्री सकल दिगंबर जैन समाज एवं मुनि सेवक संघ के सभी सदस्यों में उत्साह का वातावरण है। इधर, जब विद्यासागर विज्ञान संस्थान एवं विद्याप्रमाण गुरुकुलम् के पदाधिकारियों एवं स्कूल के नन्हे मुन्ने बालकों ने सजल नेत्रों से भावभीनी विदाई दी। तब मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि यह इस धरती का ही कोई सुयोग्य था कि 1995 के बाद जब यहां आना हुआ तो इसका अभयोदय काल आ गया और हम निमित्त बन गए।
अंकुरण के उपरांत अब जिम्मेदारी और ज्यादा है
मुनि श्री ने अपने गुरु आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को याद करते हुए कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से गुरुकुलम् का यह स्वरूप निखर कर आया है। मुनि श्री ने सभी पदाधिकारियों को आशीर्वाद देते कहा कि भावना से ऊपर उठकर कर्तव्य बोध के साथ कार्य करना चाहिए। अब आप लोगों के ऊपर यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और बढ़ गई है। खेत में बीज बोया गया उसका अंकुरण हो गया है। अंकुरण के उपरांत अब जिम्मेदारी और ज्यादा है, खरपतवार से उस अंकुरण को बचाने की तथा समय-समय पर खाद-पानी देकर इसे पुष्ट करने की। उन्होंने कहा कि विगत दिनों आप लोगों ने जो कुछ सीखा और समझा और ग्रहण किया। अब उन सबके प्रयोग करने का समय आ गया है। उसमें सभी को मिल जुलकर के फलवान बनाना है।
निश्चित शुरुआत में कठनाइयां ज्यादा आती हैं
मुनि श्री ने कहा कि मुझे इस बात की बेहद प्रसन्नता है कि गुरुकुलम् हमारी कल्पना के अनुरूप आकार ले रहा है तथा आने वाले दिनों में एक वृहद स्वरूप प्राप्त करेगा तथा ये नन्हे मुन्ने बच्चों के भविष्य को संवरेगा। उन्होंने कहा कि यह इन बच्चों का पहला साल है और निश्चित शुरुआत में कठनाइयां ज्यादा आती हैं। गुरुदेव ने मूक माटी लिखा है कि कितना भी कुशल पाक शास्त्री हो उसकी पहली रोटी कच्ची हो ही जाती है। उन्होंने कहा कि यह भले ही यह पहली रोटी है लेकिन, तवा गरम है और अब दनादन रोटियां सिकेंगी और सभी रोटियां फूली-फूली होगी, जो सभी के हृदय को और और आल्हादित करेगी।
आपसी तालमेल को बनाए रखें
मुनि श्री ने कहा कि हम जो छोड़कर जा रहे हैं। उसे आप सभी लोग मिलकर और बड़ा कीजिए। उन्होंने भोपाल गुरुकुलम् की पूरी टीम को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आप लोगों की आपस की एकता सदभाव और समन्वय बना रहना चाहिए। आपसी तालमेल को बनाए रखें तथा गुरुकुलम के नाम पर सभी अपना ईगो को गुरु चरणों में रखकर इस कार्य को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आप सभी का एक ही संकल्प रखें कि हमें अपने इस मिशन को आगे बढ़ाना है।
जितना सानिध्य मिला है, उसमें संतोष करो
मुनि श्री ने कहा कि हमें आप सभी लोगों की भावना और भक्ति में कोई संशय नहीं है। आप लोगों को जितना सानिध्य मिला है, उसमें संतोष करो अब और रुकना संभव नहीं है। आप सभी जानते है कि जैन मुनियों का जीवन शास्त्रों से बंधा हुआ होता है तथा शास्त्रों की आज्ञानुसार ही जीवन आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि दूरी मन की होती है,बाहर की नहीं, आप सभी लोग तो मन से इतने निकट आ चुके हो कि हमें अपने से कहीं दूर जाने ही नहीं दोगे इस अवसर पर महामंत्री अनुभव सराफ ने कहा कि आपने आशीर्वाद दिया और हम लोग इकट्ठे हुए और उसे गुरुकुलम् परिवार का रूप मिला। गुरुदेव अभी तक तो आप थे लेकिन, अब वह समय आ गया है कि हमें आपके बिना इसे आगे बढ़ाना होगा।
टीम भावना के साथ काम करने की भावना व्यक्त की
8 माह का समय कब निकल गया पता ही नहीं चला। उन्होंने गुरुकुलम् परिवार की भावना को सजल नेत्रों से व्यक्त करते हुए कहा कि आप हम सभी को ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें कि हम सभी आपकी भावना में खरे उतरें। इस अवसर पर सुरेश जैन आइएएस, राजेश जैन, विनीत गोधा, सैज के प्रशांत जैन, नरेन्द्र जैन टोंग्या, रचना पारख आदि सभी टीम सदस्यों ने टीम भावना के साथ काम करने की भावना व्यक्त की तथा कहा कि हम आपकी भावनाओं पर खरे उतरेंगे।













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