मुनिश्री आदित्य सागरजी का मंगल प्रवेश 16 फरवरी को मोदी जी की नसिया बड़ा गणपति में अगवानी के साथ होगा। यहां से शोभायात्रा पंच बालयति पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेगी। मुनिश्री के सानिध्य में यहां पंच कल्याणक महोत्सव होगा। वे पट्टाचार्य पदारोहण में भी हिस्सा लेंगे। पढ़िए इंदौर से डॉ.जैनेंद्र जैन की यह खबर…
इंदौर। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ भोपाल से पद विहार करते हुए इंदौर आ रहे हैं। मुनि श्री की रविवार 16 फरवरी को मोदी जी की नसिया बड़ा गणपति पर सुबह 8 बजे सकल दिगंबर जैन समाज भव्य अगवानी करेगा। वहां से मुनिश्री शोभायात्रा के साथ पंच बालयति पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर अंजनी नगर में मंगल प्रवेश करेंगे।
मुनिश्री आदित्य सागर जी मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं
मुनिश्री आदित्य सागर जी प्रखर प्रवचनकार होने के साथ-साथ मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं और उनके प्रेरक प्रवचन जन सामान्य के साथ-साथ युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित एवं प्रभावित करते हैं। एमबीए तक शिक्षित संस्कारधानी जबलपुर में जन्मंे 40 वर्षीय मुनिश्री बहुभाषा विद हैं और हिंदी,अंग्रेजी, संस्कृत,प्राकृत, कन्नड़, अपभ्रंश, तमिल, तुरु ,हाडे कन्नड़ एवं ब्राह्मी आदि भाषाओं के ज्ञाता हैं। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मुनि श्री 1 वर्ष 8 माह बाद इंदौर आ रहे हैं।
मुनिश्री के सानिध्य में 99 पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव हुए
वर्ष 2022 में आपने इंदौर में चातुर्मास कर महती धर्म प्रभावना की थी और आपके सानिध्य में नगर में 11 पंचकल्याणक प्रतिष्ठाएं भी संपन्न हुई थी। मुनिश्री के सानिध्य में अभी तक 99 पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव हो चुके हैं और सौ वां पंच कल्याणक भी इस बार आपके सानिध्य में दिनांक 21 से 25 फरवरी तक पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर अंजनी नगर में होगा।
450 से अधिक मुनिश्री पधारेंगे
मुनिश्री आदित्य सागर जी का इंदौर प्रवास आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज का अप्रैल माह में सुमति धाम गोधा स्टेट में होने वाला विशाल एवं ऐतिहासिक पट्टाचार्य पदारोहण महोत्सव के निमित्त हुआ है। महोत्सव के तहत होने वाले सभी कार्यक्रम मुनिश्री के निर्देशन में ही होंगे। महोत्सव में 450 से अधिक मुनि, आर्यिका एवं देश भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आएंगे। मुनिश्री के संघ में इंदौर नगर गौरव मुनिश्री अप्रमित सागर जी, मुनि श्री सहज सागर जी,मुनिश्री आराध्य सागर जी एवं क्षुल्लक श्रेयश सागर जी हैं।













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