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मूकमाटी अर्थ ज्ञान एवं शिक्षण शिविर का शुभारंभ 17 मई से: शिविरार्थियों के लिए सामग्री प्रदान की जाएगी


रामगंजमंडी। आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति श्री मूक माटी महाकाव्य का अर्थ ज्ञान शिक्षण शिविर एवं सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर 17 से 26 मई तक होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ 17 मई को प्रातः बेला में होगा। सभी शिविरार्थियों के लिए सामग्री प्रदान की जाएगी। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की खबर…


रामगंजमंडी। आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति श्री मूक माटी महाकाव्य का अर्थज्ञान शिक्षण शिविर एवं सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर 17 से 26 मई तक होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ 17 मई को प्रातः बेला में होगा। शिविर निदेशक प्रशांत जैन आचार्य एवं शिविर संयोजक आकाश जैन आचार्य ने बताया कि 17 मई से प्रातःकाल 6.45 बजे श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा एवं सामूहिक पूजन की जाएगी। पूजन के बाद प्रातः 8.15 बजे से शिविर के रजत कलश ध्वजा एवं रजत दीपक की स्थापना की जाएगी। स्थापना के बाद सभी शिविरार्थियों के लिए सामग्री प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के लिए सामूहिक अल्पाहार की व्यवस्था भी रखी गईं हैं। अल्पाहार की व्यवस्था अल्पाहार प्रायोजक परिवार प्रमोदकुमार, सुरेशकुमार, सिद्धार्थ कुमार जैन बाबरिया, परिवार दोतड़ा परिवार द्वारा की गई हैं। शिविर संयोजक आकाश जैन आचार्य ने बताया कि 17 से 26 मई तक इस शिविर में प्रतिदिन श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन किया जाएगा। उसके बाद विभिन्न कक्षाओं के द्वारा धार्मिक अध्ययन कराया जाएगा।

भगवान शांतिनाथ का जन्म तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा 

सभी धार्मिक कक्षाओं में सांगानेर से आमन्त्रित विद्वानों द्वारा सभी धार्मिक कक्षाओं का अध्ययन कराया जाएगा। जिसमें मूकमाटी महाकाव्य का अध्ययन विनोद जैन आचार्य द्वारा करवाया जाएगा। वहीं प्रश्नोत्तर रत्नमालिका का स्वाध्याय हेमंत जैन आचार्य द्वारा करवाया जाएगा एवं बाल बोध भाग 1 एवं 2 का अध्ययन आकाश जैन आचार्य एवं मनोज जैन आचार्य द्वारा कराया जाएगा एवं प्रतिदिन संध्या बेला में छोटे-छोटे बच्चों को धर्म अध्ययन के साथ साथ क्राफ्ट एवं आर्ट भी सिखाए जाएंगे। संध्या बेला में आचार्य श्री द्वारा लिखित अनुपम कृति मूकमाटी महाकाव्य का भी अध्ययन कराया जाएगा। इसके साथ ही आमंत्रित विद्वत द्वारा प्रवचन होंगे। इसी कड़ी में 25 मई को सभी कक्षाओं की परीक्षाएं प्रातः 8.30 बजे होगी एवं संध्या बेला में विद्वत सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न होगा। 26 में की अनुपम बेला में भगवान शांतिनाथ का जन्म तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाएगा। 46 मंडलीय विद्यान एक साथ 46 मंडलों पर होगा।

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