22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ के निर्वाण पर 2026 में गिरनार पर्वत पर एक लाख से अधिक भक्तजन वंदना करने के लिए पहुंचेंगे। यह निर्णय दिल्ली में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में श्री सम्मेद शिखर जी की पवित्रता के लिए यात्री पंजीकरण, मेटल डिटेक्टर सहित पुलिस और वन विभाग चेक पोस्ट और सीसीटीवी कैमरों की मांग की गई। दिल्ली से पढ़िए, आशीष जैन की यह खबर…
दिल्ली। विश्व जैन संगठन के दिल्ली मुख्य कार्यालय पर विशेष सभा आयोजित की गई। इसमें रविवार, को विश्व जैन संगठन के सैनी एनक्लेव स्थित मुख्य कार्यालय में विशेष सभा की गई। जिसमें कार्यकारिणी के प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित हुए। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यश जैन द्वारा सभा के उद्देश्य की जानकारी देते हुए तीर्थ संरक्षण हेतु संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन द्वारा श्री सम्मेद शिखर जी की पवित्रता के लिए झारखंड और केंद्र सरकार से वर्ष 2022 की मांगों को दोहराते हुए यात्री पंजीकरण, सीसीटीवी कैमरें, मेटल डिटेक्टर सहित पुलिस और वन विभाग चेक पोस्ट और पर्वतराज पर पुलिसकर्मी नियुक्त किए जाने की मांग को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
सभी सदस्यों ने अनुमोदना कर सहयोग की सहमति दी
संजय जैन ने नेमिनाथ भगवान के अगामी मोक्षकल्याणक पर 20 जुलाई 2026 को नेमि मोक्षस्थल उर्जयंत गिरनार पर इस बार 1 लाख से अधिक नेमि भक्तों को वंदना कराने का प्रस्ताव रखा। जिसकी सभी सदस्यों ने अनुमोदना करते हुए सहयोग करने की सहमति दी। विशेष सभा में सदस्यों को संगठन की कनाडा सहित भारत में शाखाओं और सदस्यों की जानकारी दी गई। कोषाध्यक्ष मयंक जैन द्वारा प्रस्तुत दिल्ली से गिरनार जी धर्म पद यात्रा सहित वार्षिक आय व्यय को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
सहयोगियों का आभार जताया
सभा में उपस्थित धर्म पद यात्रा में विशेष सहयोगी अनुज जैन, निपुण जैन (लक्ष्मी नगर), बलबीर नगर मंदिर कमेटी महामंत्री राजीव जैन, रथ प्रभारी विनोद जैन (अंकुर विहार), राहुल जैन नोएडा शाखा संयोजक, अभिषेक जैन पीएनबी, शाहदरा और 51 यात्रियों को दिल्ली से निःशुल्क गिरनार यात्रा करवाने वाले दीपक जैन डेक वाले विश्वास नगर का आभार व्यक्त किया गया। सभा में मीडिया प्रभारी आकाश जैन, सम्मानित सदस्य वीरेंद्र जैन, लक्ष्मी नगर शाखा से एडवोकेट अतुल जैन और उपस्थित सदस्यों ने तीर्थ संरक्षण और संगठन की सदस्यता और शाखाओं के विस्तार हेतु सुझाव दिए और पूर्ण सहयोग के लिए संगठन को आश्वस्त किया।













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