आचार्य श्री चंद्र सागर जी महाराज ससंघ का सोमवार शाम को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन नसिया मंदिर से मंगल विहार हुआ। आचार्य संघ का श्री दिगंबर जैन मऊ अतिशय क्षेत्र पर रात्रि विश्राम हुआ। मंगलवार सुबह मऊ से श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर खूंता के लिए विहार हुआ और संघ की आहारचर्या वहीं संपन्न हुई। धरियावद से पढ़िए, यह खबर…
धरियावद। आचार्य श्री चंद्र सागर जी महाराज ससंघ का सोमवार शाम को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन नसिया मंदिर से मंगल विहार हुआ। आचार्य संघ का श्री दिगंबर जैन मऊ अतिशय क्षेत्र पर रात्रि विश्राम हुआ। मंगलवार सुबह मऊ से श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर खूंता के लिए विहार हुआ और संघ की आहारचर्या वहीं संपन्न हुई। आचार्य संघ का आगामी दिनों में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मूंगाणा होते हुए श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर नरवाली में मंगल प्रवेश होगा। आचार्य संघ का वर्षायोग 2025 नरवाली में ही होना है। विहार से पूर्व आचार्य श्री चंद्र सागर जी ने आशीर्वाद सभा में कहा कि धरियावद के श्रावकों में निश्चित ही भक्ति की कोई कमी नहीं है। श्रावक देव, शास्त्र और गुरु की भक्ति करें या नहीं, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन, अगर श्रावक भक्ति नहीं करते तो श्रावकों को अवश्य इसका फर्क पड़ता है।
वे पुण्य कर्म के बंधन से वंचित रह जाते हैं। आचार्य श्री ने कहा कि आप लोग अपने बच्चों में बचपन से ही धर्म के संस्कार देने में कोई कमी नहीं छोड़ें। ताकि भावी पीढ़ी जैन धर्म के संस्कार युक्त पीढ़ी का निर्माण हो सके। आशीर्वाद सभा में प्रतिष्ठाचार्य पंडित भागचंद जैन, करणमल सेठ, इंदरमल दोशी, पवन जोदावत, महेंद्र चंपावत, राजेंद्र गनोड़िया, अशोक कुमार जेतावत, संदेश सरिया, कौशिक रजावत, लकी रमावत सहित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।













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