आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण परंपरा के पट्टम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का 2025 का चातुर्मास हेतु कलश स्थापना बुधवार को होगी। इससे पूर्व आचार्य श्री के सानिध्य में ध्वजारोहण पुण्यार्जक परिवार श्रेष्ठी टीकमचंद, श्यामलाल, धर्मचंद, भागचंद, उत्तमचंद फूलेता वाले परिवार द्वारा संपन्न होगा। टोंक से विकास जैन जागीरदार पढ़िए, यह खबर…
टोंक। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण परंपरा के पट्टम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का 2025 का चातुर्मास हेतु कलश स्थापना बुधवार को होगी। इससे पूर्व आचार्य श्री के सानिध्य में ध्वजारोहण पुण्यार्जक परिवार श्रेष्ठी टीकमचंद, श्यामलाल, धर्मचंद, भागचंद, उत्तमचंद फूलेता वाले परिवार द्वारा संपन्न होगा। आचार्य श्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अर्थ पुरुषार्थ से अर्जित धन का विसर्जन अर्थात दान करना चाहिए। शास्त्र में धर्म अर्थ, काम और मोक्ष पुरुषार्थ बताए गए हैं।
जिसमें पहला ओर चौथा महत्वपूर्ण हैं किन्तु मानव आप लोग दूसरे ओर तीसरे अर्थ और काम पुरुषार्थ में लगे हैं जबकि, धर्म पूर्वक अर्थ पुरुषार्थ करना चाहिए। नीति धर्म पूर्वक अर्जित धन का विसर्जन आहार, ज्ञान, अभय और औषधि दान देना चाहिए। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रगट की। आचार्य श्री ने बताया कि धर्म पुरुषार्थ, उत्साह, संकल्प, श्रद्धा,भक्ति पूर्वक करने पर मोक्ष मार्गी बन सकते हैं। आत्मा को समझने पर पर आत्म स्वरूप का ज्ञान होगा। आचार्य श्री के उपदेश के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी महाराज ने बताया कि जिस प्रकार गंगा नदी में नहाने से मेल दूर किया जाता है। उसी प्रकार संत समागम रूपी गंगा नदी से आप कर्म रूपी मेल को दूर कर सकते हैं। शरीर के मेल के साथ आत्मा का मेल अर्थ कर्मों को तप त्याग धर्म से दूर करना होगा। इसलिए आत्मा के स्वरूप अपनी शक्ति को पहचानना जरूरी है।
अध्यक्ष चातुर्मास समिति एवं समाज प्रवक्ता पवन एवं विकास जागीरदार अनुसार धर्म उपदेश के पूर्व आदिनाथ भगवान एवं आचार्य शांति सागर जी सहित सभी आचार्यों के चित्रों के सम्मुख दीप प्रवज्लन समाज के पदाधिकारियों तथा इंदौर से आए राजेश पंचोलिया ने किया।
400 से अधिक श्रावक-श्राविकाएं सेवारत रहेंगे
पुण्यार्जक परिवारों द्वारा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के चरण प्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट ,एवं भक्ति सहित पूजन कर मंगल आरती की गई। चातुर्मास व्यवस्था में 400 से अधिक पुरुष महिलाएं और युवा सेवारत में रहेंगे एवं चातुर्मास व्यवस्था समिति एवं प्रबंध समिति के अलावा जिनधर्म प्रभावना समिति, पदमपुरा पदयात्रा संघ, शांतिनाथ शांतिधारा परिवार समिति, जैन फ्रेंड्स क्लब, जैन वूमेंस ग्रुप, बहुरानी महिला मंडल, आदिनाथ महिला मंडल, जिनवाणी महिला मंडल, आचार्य धर्मासागर पाठशाला, चंद्रप्रभु महिला मंडल काफला बाजार,पारसनाथ महिला मंडल आदर्श नगर, हाउसिंग बोर्ड महिला मंडल, पटेल सर्कल महिला मंडल, पांच मंदिर पुरानी टोंक की महिला मंडल की महिलाएं एवं पुरुष, युवा इस 4 महीने के चातुर्मास में प्रातःकाल, अभिषेक शांतिधारा की क्रियाएं, आहारचर्या, चौका, प्रवचन, आरती, भोजन व्यवस्था में ग्रुप से सहभागिता निभाएंगे।
यह समाजजन मौजूद रहे
इस मौके पर चतुर्मास कमेटी के अध्यक्ष भागचंद फुलेता, कार्यकारी अध्यक्ष धर्मचंद दाखिया, मंत्री राजेश सराफ, महामंत्री धर्मेंद्र पासरोटियां, मिट्ठू लाल दाखिया, महावीर पासरोटियां, महावीर दाखिया, नेमीचंद बनेठा, नीटू छामुनिया, विनोद दाखिया, लोकेश कल्ली, वीरेंद्र संघी, रमेश काला, मोंटू, राजेश शिवाड़िया, विनोद कल्ली, पुनीत जागीरदार प्रकाश सेठी, नवीन अलीगढ़, रमेश काला, वीरेंद्र कापरेन, ताराचंद बड्जत्या आदि प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस ऐतिहासिक अवसर पर हजारों श्रद्धालु जयपुर, किशनगढ़, कोटा, निवाई, लावा, डिग्गी, टोडा, देवली, पिपलु, उनियारा, इचलकरंजी, धरियावद, सनावद, जोबनेर, इंदौर, कर्नाटक, कोलकाता सहित अनेक स्थानों से उपस्थित होंगे।













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