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जाने मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज का व्यक्तित्व एवं कृतित्व : चर्चित छत्रपति नगर में रविवार को होगी चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना।


पढ़िए डॉ. जैनेंद्र जैन की रिपोर्ट…


इंदौर। श्रावक के जीवन में संतों का सानिध्य मिलना अथवा उनके नगर में संतों का चातुर्मास होना बड़े ही भाग्य और पुण्य का सौभाग्य माना जाता है। इस दृष्टि से मिनी बुंदेलखंड के रूप में चर्चित छत्रपति नगर एवं महावीरबाग , गौरव नगर, अग्रसेन नगर एवं आसपास की सभी कॉलोनियों की दिगंबर जैन समाज इंदौर बहुत सौभाग्यशाली है कि इस वर्ष श्रमण संस्कृति के महामहिम संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रियाग्र शिष्य मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास कराने, उनका सानिध्य पाने और उनकी चरण वंदना कर आशीर्वाद पाने का महा सौभाग्य प्राप्त हो रहा है ‌ जो हम सब के लिए गौरव और गर्व की बात है।

परिचय

15 अगस्त 1978 को शहडोल मध्य प्रदेश के ड्योडिया परिवार के पितृ पुरुष श्री अभय कुमार जैन एवं श्रीमती किरण बाला के घर आंगन में भावी धरती के देवता के रूप में बालक अमित का जन्म हुआ था। बचपन से ही धार्मिक अभिरुचि के अमित ने युवावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही वैराग्य उत्पन्न होने लगा तो मात्र 22 वर्ष की उम्र में दिनांक 6 जून 2000 श्रुत पंचमी के शुभ दिवस पर सर्वोदय तीर्थ अमरकंटक में पूज्य आचार्य श्री विद्या सागरजी महाराज से ब्रह्मचर्य व्रत अंगीकार किया था और उसके बाद आचार्य श्री के संघ सानिध्य में रहकर ज्ञानार्जन और धर्म साधना करते हुए जब ब्रह्मचारी अमित भैया को तन पर पहने श्वेत वस्त्र भी बोझ लगने लगे तो दिनांक 21 अगस्त 2004 को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने दयोदय तीर्थ तिलवारा घाट जबलपुर मे ब्रह्मचारी अमित भैया को जैनेश्वरी मुनि दीक्षा प्रदान कर ब्रह्मचारी अमित भैया से मुनि विनम्र सागर बना दिया। यथा नाम तथा गुण मुनि श्री विनम्र सागर जी के हंसमुख आकर्षक और वात्सल्य से परिपूर्ण चुंबकीय व्यक्तित्व एवं कृतित्व में आपके दीक्षा गुरु आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की झलक दिखाई देती है वहीं आपकी पियूष वर्षिणी विनम्र वाणी में होने वाले मंगल प्रवचनों में जहां मानव मात्र के कल्याण का संकल्प प्रकट होता है वहीं शांतिप्रिय, अहिंसक और वात्सल्य और सद्भाव से परिपूर्ण ढोंग का नहीं ढंग का जीवन जीने की प्रेरणा भी श्रोताओं को प्राप्त होती है।

आमंत्रण

रविवार 28 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे दलाल बाग छत्रपति नगर में आपके वर्षा योग मंगल कलश की स्थापना दयोदय चैरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट एवं श्री आदिनाथ दिगंबर जैन धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट छत्रपति नगर इंदौर के संयुक्त तत्वाधान में होगी। विश्वास है कि मुनि श्री विनम्र सागर जी का वर्ष 2024 का छत्रपति नगर में होने वाला वर्षा योग हम सबके जीवन की दिशा और दशा बदलने में महती भूमिका निभाएगा।

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Shreephal Jain News

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