दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आयोजित धर्मसभा में मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जब रास्ते स्वच्छ होंगे, तभी मंदिर गंदगी से मुक्त रहेंगे। साथ ही उन्होंने सात नवंबर को मौजी बंधन संस्कार समारोह होने की घोषणा की। पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट…
थूवोनजी — धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि धर्म दो प्रकार का होता है — नैतिक धर्म (निश्श्रेयस) और उभयद सुख धर्म। संसार चलाने के लिए धन-दौलत की आवश्यकता होती है, इसलिए पहले संसार की चर्चा आवश्यक है। भूखे भजन नहीं हो सकते, पहले पेट की आग बुझाना जरूरी है।
मुनिश्री ने कहा कि “मंदिर तक जाने वाले रास्ते साफ़ होंगे तो मंदिर भी गंदगी से मुक्त रहेंगे।” उन्होंने बताया कि धर्म में माल और चालाकी की चर्चा जहां होती है, वहीं गृहस्थ पहले धन की आवश्यकता पूरी कर प्रभु के चरणों में पहुंचता है।
कल होगा मौजी बंधन संस्कार समारोह
प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के करकमलों से 7 नवंबर को दोपहर 1 बजे मौजी बंधन संस्कार समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर शांतिधारा एवं गंधोदक का आयोजन भी होगा।
जगत कल्याण की कामना हेतु महा शांतिधारा
प्रातःकाल की बेला में परम पूज्य गुरुदेव के श्रीमुख से जगत कल्याण की कामना हेतु महा शांतिधारा संपन्न हुई। इसका सौभाग्य इंदौर से आए जिनेश झांझरी, रमेश गदिया सहित अन्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। समारोह के दौरान थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टिंगू, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल, दीप मंत्री शैलेन्द्र दददा, समाज अध्यक्ष राकेश कासंल, महामंत्री राकेश अमरोद, मंत्री विजय धुर्रा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।













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