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धर्म को धारण कर मानव जीवन को सार्थक करें: आचार्य श्री वर्धमान सागर की मंगल देशना


जगत परिवर्तनशील है। हम पर्यावरण पानी की उपेक्षा का परिणाम देख व भोग रहे हैं। पानी सबके लिए जरूरी है विश्व में भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है। हमें पानी का महत्व समझने की जरूरत है। पानी का सदुपयोग करें। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट


उदयपुर। जगत परिवर्तनशील है। हम पर्यावरण पानी की उपेक्षा का परिणाम देख व भोग रहे हैं। पानी सबके लिए जरूरी है विश्व में भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है। हमें पानी का महत्व समझने की जरूरत है। पानी का सदुपयोग करें। यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर ने सेक्टर 4 में मंगल प्रवेश के समय आयोजित धर्म सभा में प्रकट की।

धर्म आपका सच्चा मित्र

ब्रह्मचारी गजू भैय्या राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि उदयपुर झीलों की नगरी है। साथ ही जिनालय की भी नगरी है। नगर के प्राचीन मंदिरों के स्थान पर उप नगरों में नए जिनालय बन रहे हैं। ।जिनालय से जीवन का उत्थान होता है। जिनालय धर्म की शिक्षा देते हैं। धर्म संपूर्ण सुख को देने वाला है। आपके लौकिक जीवन में मित्र भी होते हैं। शत्रु भी होते हैं। सच्चा मित्र जीवन में सुख का मार्ग दिखाता है। धर्म आपका सच्चा मित्र है। वह सुख का मार्ग दिखाता है। भौतिक सुख पुण्य से मिलता है। कर्मों के बंघ के कारण दुख उठा रहे हैं। संसार में जैसा कार्य करेंगे वैसा फल मिलेगा। इसलिए धर्म को मित्र बनाएं तभी आत्मा सुखी होगी। भगवान द्वारा बताए धर्म को धारण करें।

पुरुषार्थ कर मानव जीवन को सार्थक करें

आचार्य श्री ने बताया कि धर्म को धारण करने का पुरुषार्थ कर मनुष्य जीवन को मंगलमय बनाकर मानव जीवन को सार्थक करें। इसके पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।धर्म सभा में पर्यावरण प्रकृति जल का संरक्षण सहयोग योगदान करने का आव्हान किया। यह विचार गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्रीय जल मंत्री भारत सरकार ने प्रकट किए। उन्होंने बताया कि मुझे सूचना मिली की जैन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी उदयपुर में प्रवास कर रहे हैं तो मैं बगैर बुलाए अतिथि बनकर गुरुदेव के दर्शन के लिए आ गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आचार्य श्री के साथ देश की ज्वलंत विषयों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने धर्म सभा में उपस्थित समुदाय से देश के पर्यावरण और पानी के उपयोग में सावधानी की जरूरत का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पहले हिंसा से देश या राज्य का परिवर्तन होता था किंतु वर्तमान में अहिंसा से देश का परिवर्तन होता है।

धर्म सभा में मीना जैन के मंगलाचरण पश्चात आचार्य शांतिसागर जी एवं पूर्व आचार्यों के चित्र का अनावरण एवम् दीप प्रवज्जलन केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ,शांतिलाल वेलावत, राकेश सेठी कोलकाता, राजेश पंचोलिया इंदौर ,ब्रह्मचारी गज्जू भैया, परमीत जैन ,हेमराज मालवी, झमकलाल अखावत ने किया।आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन एवम् जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य नाथूलाल खालुदिया ,रमेश जैन पार्षद एवम् अन्य ने किया। संचालन राजेंद्र अखावत एवम् गौरव गनोंदिया ने किया। तथा श्री पार्श्व नाथ मंदिर के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 28 से 30 मई तक आयोजित कार्यक्रम की जानकारी दी

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