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विदिशा नगर में धूमधाम से मनाया जाएगा महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव: तैयारियां शुरू, होंगे विभिन्न कार्यक्रम, निकलेंगी प्रभातफेरी, होगा ध्वजारोहण


विदिशा नगर अपने अंतिम शासन नायक महावीर भगवान के जन्मकल्याणक महोत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए तैयार है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम होंगे। विभिन्न सेवाभावी मंडलों की ओर से सेवाभावी गतिविधियां होंगी। पढ़िए राजीव सिंघाई की विशेष रिपोर्ट


विदिशा। विदिशा नगर अपने अंतिम शासन नायक महावीर भगवान के जन्मकल्याणक महोत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए तैयार है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम होंगे। विभिन्न सेवाभावी मंडलों की ओर से सेवाभावी गतिविधियां होंगी। इसमें मेडिकल कैम्प के साथ चल समारोह के स्वागत में जल व्यवस्था नगर के सभी चौराहों पर होगी।

दो दिन तक चलेंगे कार्यक्रम
जिला सकल जैन समाज विदिशा के नेतृत्व में दो दिवसीय कार्यक्रम होंगे। इसमें दो अप्रेल को सुबह पांच बजे प्रभातफेरी निकाली जाएगी। जो जो चंदा प्रभु जिनालय खरी फाटक से पार्श्वनाथ जिनालय जैन हा. सेकण्डरी स्कूल से,,बड़ा जैन मंदिर अंदर किला से, तीनों प्रभातफेरी तिलकचौक पर एकत्रित होंगी। जहां से एक साथ मालवीय उद्यान कीर्ती स्तंभ पहुंचेंगी जहां ध्वजा रोहण किया जाएगा।

निकाली जाएगी वाहन रैली
दोपहर तीन बजे माधवगंज चौराहे से वाहन रैली निकाली जाएगी जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई वापस माधवगंज पर पहुंचेगी। शाम को अखिल भारतीयकवि सम्मेलन जयप्रकाश मंच पर होगा। तीन अप्रेल को सुबह आठ बजे मुनिश्री के सानिध्य में श्री शीतलनाथ दिगम्बर जैन छोटा मंदिर, अंदर किला से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पाटनी निवास माधवगंज विदिशा पर पहुंचेगी, जहां भगवान महावीर के अभिषेक पूजन होगी एवं मुनिश्री के प्रवचन होंगें। दोपहर दो बजे जयप्रकाश मंच पर पाठशाला के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इनकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

सभी संस्थाओं ने भाग लेने की अपील की
जिला सकल जैन समाज, सकल दिग. जैन समाज, सकल तारण तरण जैन समाज, सकल श्वेताम्वर जैन समाज, एवं श्री शीतलनाथ दिग. जैन छोटा मंदिर पंचायत, अंदर किला विदिशा द्वारा आप सभी जानदार शानदार स्वजातीय स्वजनों से सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।

अपने घरों पर फहराएं झंडा
महावीर के जन्म जयंती अवसर पर अपने घरों पर झण्डा फहरायें। दीप अवश्य जलायें और यदि तीन लोक के नाथ की पालकी आपके दरवाजे के सामने से गुजरे तो अपने घर के आगे रंगोली अवश्य बनाएं। साथ ही अंत में अपने ड्रेस कोड के साथ भव्य चल समारोह में सपरिवार उपस्थिति जरूर दें।

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