समाचार

झुमरीतिलैया से 500 श्रद्धालुओं का जत्था सम्मेदशिखर महावंदना के लिए रवाना : जैन युवाओं ने 200 बुजुर्गों के लिए की पालकी व्यवस्था — सेवा भाव का अनोखा उदाहरण


कोडरमा झुमरीतिलैया जैन समाज के महावंदना ग्रुप द्वारा 500 से अधिक श्रद्धालु — जिनमें 200 से अधिक बुजुर्ग शामिल — भगवान सम्मेदशिखर पारसनाथ पर्वत वंदना के लिए पांच बसों एवं 40 गाड़ियों के साथ भव्य रूप से रवाना हुए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…


झुमरीतिलैया/कोडरमा। जैन धर्म की सर्वोच्च तपस्थली श्री सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत की महावंदना के लिए आज प्रातः 500 श्रद्धालुओं का विशाल जत्था आध्यात्मिक उमंग के साथ रवाना हुआ। इस महायात्रा की सबसे विशेष बात यह रही कि लगभग 200 बुजुर्गों को पालकी डोली के माध्यम से पर्वत वंदना कराने का संकल्प जैन समाज के 40 युवा साथियों ने लिया — “एक बार भावपूर्वक सम्मेदशिखर की वंदना करने वाला नरक-पशु गति में नहीं जाता” — इस सिद्धांत को चरितार्थ करने वाला यह अनुपम आयोजन जैन समाज के लिए प्रेरणादायक बन गया।

पांच बड़ी बसें और 40 छोटे वाहन इस दिव्य यात्रा में शामिल हुए। झुमरीतिलैया जैन समाज, पुण्यार्जक एवं वार्ड पार्षद पिंकी जैन ने ध्वजारोहण कर इस यात्रा को विधिवत प्रस्थान कराया। तीर्थयात्री सम्मेदशिखर पहुंचकर आचार्य गुरुओं एवं मंदिरों की वंदना करेंगे, रात्रि में भजन-कीर्तन एवं धार्मिक संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन होगा, तथा 29 अक्टूबर की ब्रह्ममुहूर्त बेला में प्रातः 2 बजे पालकी एवं पैदल 27 किलोमीटर पर्वत वंदना आरंभ की जाएगी।

यात्रा संयोजक युवा लोकेश जैन पाटोदी एवं रौनक जैन कासलीवाल ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में यह चौथी बार है जब युवा वर्ग बुजुर्ग माता-पिता तुल्य वरिष्ठ नागरिकों को पालकी सहित पर्वत वंदना कराने का सेवापूर्ण सौभाग्य प्राप्त कर रहा है। धर्मशाला में भोजन-प्रसाद, रात्रि विश्राम एवं संपूर्ण तीर्थ व्यवस्था की जिम्मेदारी महावंदना ग्रुप के युवाओं द्वारा संभाली जा रही है।

आध्यात्मिक सेवा भावना की हृदयपूर्वक सराहना की 

इस पावन यात्रा में हजारीबाग, रांची, पेटरवार, नवादा, गिरिडीह, पटना, कोलकाता, पुणे, दिल्ली, अजमेर, जबलपुर, हैदराबाद, मुंबई सहित देशभर से श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों — नरेंद्र जैन, राज जैन, सुरेंद्र जैन काला, जयकुमार जैन, ललित जैन, सुशील जैन, पिंकी जैन एवं मीडिया प्रभारी नवीन जैन व राजकुमार अजमेरा — ने युवाओं की इस आध्यात्मिक सेवा भावना की हृदयपूर्वक सराहना की और इसे समाज के लिए आदर्श बताया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page