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जैन तीर्थ सिहोनिया में एकत्रित होगी देशभर का जैन समाज : भगवान शन्तिनाथ का होगा महामस्तकाभिषेक


अतिशय क्षेत्र सिहोनियां जी जैन मंदिर परिसर में वार्षिक मेला महोत्सव इस बार 22 सितंबर को जैन संत शिवानन्द जी महाराज एवं प्रश्मानन्द जी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर जी में विराजमान श्री 1008 भगवान शांतिनाथ,अरहनाथ एवं कुंंथुनाथ का महामस्तकाभिषेक भी हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में किया जाएगा। पढ़िए अजय जैन की रिपोर्ट…


अंबाह। अतिशय क्षेत्र सिहोनियां जी जैन मंदिर परिसर में वार्षिक मेला महोत्सव इस बार 22 सितंबर को जैन संत शिवानन्द जी महाराज एवं प्रश्मानन्द जी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर जी में विराजमान श्री 1008 भगवान शांतिनाथ, अरहनाथ एवं कुंंथुनाथ का महामस्तकाभिषेक भी हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में किया जाएगा। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र सिहोनियां जी कमेटी के परम संरक्षक पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जिनेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी क्वार वदी दौज को अतिशय क्षेत्र सिहोनियांजी का वार्षिक मेला एवं भगवान श्री शांतिनाथ, श्री कुंथुनाथ, श्री अरहनाथ का महामस्तकाभिषेक महोत्सव 22 सितंबर को हर्षोल्लास पूर्वक आयोजित किया जा रहा है।

इस महोत्सव के अवसर पर पं.संजय शास्त्री सिहोनिया एवं राजेंद्र शास्त्री मंगरोनी को धार्मिक क्रियाएं संपन्न करने के लिए आमंत्रित किया गया है। जिनेश जैन ने बताया कि वार्षिक मेले के पावन अवसर पर नवीन जिन मंदिर एवं वेदी शिलान्यास सहित श्री शांतिनाथ भगवान प्रतिमा आगमन एवं बेदी पर विराजमान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा मांगलिक कार्यक्रमों के तहत सुबह 7 बजे नित्याभिषेक, शांतिधारा, पूजन, प्रातः 10 बजे श्री शांतिनाथ मंडल विधान एवम दोपहर 2 बजे श्री शांतिनाथ भगवान, श्री कुंथनाथ भगवान व श्री अरहनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक होगा। इस पावन अवसर पर सौरभ एंड पार्टी मुरैना अपने संगीत व स्वर लहरी द्वारा जैन भजनों की प्रस्तुति देंगे। सभी आगंतुक सधर्मी बंधुओं के लिए जैन युवा क्लब एवम सोनू मित्र मंडल द्वारा वात्सलय भोज की व्यवस्था की गई है। विदित हो कि मुरैना जिले के सिहोनिया गांव में विशाल व भव्य जैन मंदिर बना हुआ है। बताया जाता है कि आज से बहुत समय पूर्व ब्रह्मचारी गुमानीलाल जैन को सपना दिखाई दिया कि गांव के जंगल में टीले के नीचे जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां दबी हुई हैं।

टीले की खुदाई करने पर 11वीं शताब्दी के जैन तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ की 16 फुट उत्तंग खड़गासन एवम उनके आजू बाजू में भगवान कुंथनाथ व भगवान अरहनाथ की 11/11 फुट उत्तंग खडगासन प्रतिमाएं प्राप्त हुई थी। जो आज भी उसी स्थान पर स्थापित हैं। जिस स्थान पर वह प्राप्त हुई थी। जैन समाज ने क्षेत्र पर काफी विकास किया है। सिहोनिया जी क्षेत्र पर ठहरने के लिए आधुनिक धर्मशाला, भोजनशाला, कैंटीन, संग्रहालय, सुसज्जित बगीचा, पुस्तकालय एवं कमल मंदिर का निर्माण किया है। क्षेत्र पर अतिभव्य पांच मान स्तंभों का निर्माण कार्य तीव्र गति से हो रहा है। यहां वर्ष भर कोई न कोई धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। साथ ही वर्ष भर यात्रियों का आवागमन भी होता रहता है।

अतिशय क्षेत्र कमेटी सिहोनिया के आशीष जैन सोनू,अध्यक्ष रविंद्र जैन टिल्लू, उपाध्यक्ष नीलेश जैन, मंत्री विवेक जैन बंटी, कोषाध्यक्ष रवि जैन एवं जैन युवा क्लब के अध्यक्ष संजय जैन भंडारी, अनिल जैन छोटू, रोमिल जैन, राजीव जैन सीटू, उमेश जैन लाला ने सभी सधर्मी बंधुओं से वार्षिक जैन मेले के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित होने की अपील की है।

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