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शान्ति धारा दिवस के रूप में मनाया निर्वाण कल्याणक : भगवान शान्तिनाथ के महामस्तिकाभिषेक के साथ किया लाडू समर्पित


श्री शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस जिनालय के मूलनायक गराह फिट उमंग भगवान शान्तिनाथ स्वामी के जन्म, तप, निर्वाण कल्याणक पर क्षुल्लक श्री विश्वपूज्यसागर जी महाराज के सान्निध्य भगवान शान्तिनाथ स्वामी कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी का महामस्तिकाभिषेक वृहद मंत्रोच्चार के साथ किया गया। पढ़िए राजीव सिंघाई की विशेष रिपोर्ट…


अशोक नगर। श्री शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस जिनालय के मूलनायक गराह फिट उमंग भगवान शान्तिनाथ स्वामी के जन्म, तप, निर्वाण कल्याणक पर क्षुल्लक श्री विश्वपूज्यसागर जी महाराज के सान्निध्य भगवान शान्तिनाथ स्वामी कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी का महामस्तिकाभिषेक वृहद मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस दौरान भक्तों ने निर्वाण लाडू समर्पित किए। कार्यक्रम मंगलाष्टक के साथ प्रारंभ करते हुए नवनिर्वाचित सदस्य शैलेन्द्र श्रागर ने अपने मधुर भजनों के साथ आंनद की वर्षा करते हुए कहा कि आज हम सब मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के आह्वान पर क्षुल्लक श्री विश्व पूज्य सागरजी के सान्निध्य में भगवान का निर्वाण कल्याणक शान्ति धारा दिवस के रूप में मना रहे हैं। आप सब मिलकर इस महोत्सव का आनंद लें।

देशभर के भक्तों की आस्था का केन्द्र 

कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने संचालन करते हुए नगर में सन् 1992 में श्री शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस की स्थापना कराकर इस नगर को तीर्थ का दर्जा दिलाया। आज देशभर से बड़े भक्ति भाव से लोग यहां वंदना करने आते हैं और प्रभु की आराधना कर अपने को धन्य समझते हैं। हमें अपने धर्म और संस्कारों के प्रति जागरूकता दिखाते हुए अपने परिवार को धर्म के साथ‌ जोड़ना है। नए बच्चों को श्रीजी की शांतिधारा, अभिषेक करने के मन्दिर में लगाएं, तब ये धर्म आगे बढ़ेगा।

जगत कल्याण की कामना के लिए की महाशान्तिधारा

समारोह के प्रारंभ में भगवान को पांडूकशिला पर विराजमान किया गया। इसके बाद भगवान श्री शांतिनाथ स्वामी पर महामस्तिकाभिषेक की प्रथमधारा का सौभाग्य प्रकाश चन्द्र, पवन कुमार, श्रेयांस घेला को, भगवान कुंथनाथ स्वामी पर महामस्तिकाभिषेक की प्रथमधारा का सौभाग्य नरेंद्र कुमार, नवीन कुमार ठेकेदार सिटी पब्लिक स्कूल को और अरहनाथ स्वामी की प्रथमधारा का सौभाग्य नेमीचंद मनोज कुमार ठेकेदार को प्राप्त हुआ। वहीं 16वीं वेदी पर प्रथम कलश चढ़ाने का सौभाग्य संजय कुमार, सम्यक कुमार वरवाई को, पाडूकशिला पर कलश चढ़ाने का सौभाग्य सौधर्म इन्द्र राजेन्द्र कुमार को मिला। इसके साथ अशोक कुमार, गौरव कुमार, सचिन कुमार, सौरभ कुमार, टींगू मिल, सनत इन्द्र रिषभ कुमार, अखिल कुमार वरोदिया के साथ ही रविन्द्र कुमार, सचिन कुमार, विमल कुमार, सचिन कुमार, विनोद कुमार, राकेश कुमार गोयल, पवन कुमार करैया, शैलेन्द्र शैलू विधायक धर्मचन्द जैन सहित अन्य भक्तों ने पांडूकशिला पर अभिषेक कर जगत कल्याण की कामना के लिए महाशान्ति धारा की।

निर्वाण लाडू समर्पित

इसके बाद भगवान श्री शांतिनाथ स्वामी के निर्वाण कल्याणक पर प्रभु चरणों में निर्वाण लाडू अर्पित किया गया, जिसका सौभाग्य राजीव कुमार, मौसम कुमार चन्देरी, अजित वरोदिया, थूवोनजी कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार, सचिन कुमार टींगू मिल ने प्राप्त किया। इनका सम्मान श्री‌ दिगम्बर जैन पंचायत के अध्यक्ष राकेश कासंल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, उमेश सिघई, अरविंद जैन कचंनार, अजित वरोदिया, नितिन बज, श्रेयांस घेला धनकुमार वल्ला, नवीन सर, डॉ. सुगन चन्द्र, अंकित जैन, मन्टू अविनाश धुर्रा सहित अन्य सदस्यों ने किया। इसके बाद भक्तों की जय-जयकार के बीच श्रीजी के चरणों‌ में‌ निर्वाण लाडू समर्पित किया।

दुर्लभ मनुष्य पर्याय को सार्थक करें

समारोह के अंत में क्षुल्लक श्री विश्वपूज्य सागरजी महाराज ने कहा कि सब लोग धर्म क्यों करते हैं, हमारा मोक्ष मार्ग प्रशस्त होना चाहिए। जीरो कितने भी हों लेकिन उनका महत्व अंक होने पर होता है। अगर आप लोगों को मोक्ष मार्ग पर चलना है फिर विचार करना होगा जो हमारी मिथ्या मति बन गई है, उसे तजकर सम्यक दर्शन को कैसे प्राप्त करें। चौरासी लाख योनियां में भ्रमण कर ये दुर्लभ मनुष्य पर्याय मिला है, इसे सार्थक करना है।

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