जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर, अहिंसा का संदेश देने वाले भगवान महावीर स्वामी जी का 2551वां निर्वाणोत्सव बड़े धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू चढ़ाकर इस महोत्सव को विशेष रूप से मनाया। पढ़िए सिंघई ललित जैन की रिपोर्ट…
आगरा (मालवा)। जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर, अहिंसा का संदेश देने वाले भगवान महावीर स्वामी जी का 2551वां निर्वाणोत्सव बड़े धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू चढ़ाकर इस महोत्सव को विशेष रूप से मनाया। संपूर्ण देश एवं विदेश में भगवान महावीर स्वामी जी को सिद्ध शिला से मोक्ष प्राप्त हुए 2550 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज 2551वां निर्वाण उत्सव मनाया गया। जैन धर्मावलंबियों ने इस अवसर पर आगर मालवा जिले के आगर, सुसनेर, नलखेड़ा, और अतिशय युक्त तीर्थ पिपलोंन कला के मंदिरों में प्रातः से ही भीड़ उमड़ने लग गई।
हुए कई धार्मिक कार्यक्रम
इस महोत्सव के अंतर्गत सभी मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया। भक्तों ने सबसे पहले भगवान के अभिषेक, शांति धारा, नित्य नियम पूजन, और विधान पूजन किया। शांति पाठ के बाद, भक्तों ने संगीतमय निर्वाण लाडू भगवान महावीर स्वामी जी के समक्ष चढ़ाए, यह भावना व्यक्त करते हुए कि जैसे आपने मोक्ष प्राप्त किया, वैसे ही हमें भी मोक्ष प्राप्त हो। मंदिरों में प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से भगवान महावीर स्वामी जी द्वारा दिए गए उपदेशों का रसपान कराया गया। सभी श्रद्धालुओं को उनके बताए मार्गों और सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रेरित किया गया। आज, विश्व को महावीर स्वामी जी द्वारा बताए गए मार्गों पर चलना बहुत जरूरी है। रात्रि में सभी मंदिरों में महा आरती का आयोजन किया गया, जिससे भक्तों ने आनंद लिया।













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