जैन धर्म के 14वें तीर्थंकर भगवान अनंतनाथ स्वामी का जन्म तप कल्याणक पर्व जयेष्ठ कृष्ण द्वादशी 24 मई को पारंपरिक श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया जाएगा। 13 सितंबर से आयोज्य प्रथम सम्मेद शिखरजी यात्रा का प्रचार-प्रसार प्रारंभ किया जाएगा। बांसवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…
बांसवाड़ा। जैन धर्म के 14वें तीर्थंकर भगवान अनंतनाथ स्वामी का जन्म तप कल्याणक पर्व जयेष्ठ कृष्ण द्वादशी 24 मई को पारंपरिक श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया जाएगा। फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के संस्थापक एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अजीत कोठिया ने बताया कि इस अवसर पर प्रातः पूरे देश के सभी प्रोविंसेज में श्रीजी का जन्माभिषेक किया जाएगा। अयोध्या में इक्ष्वाकु वंश में जन्मे भगवान अनंतनाथ स्वामी ने शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी से निर्वाण प्राप्त किया था। कोठिया ने बताया कि फेडरेशन द्वारा इस अवसर से सभी प्रोविंसेज में 13 सितंबर से आयोज्य प्रथम सम्मेद शिखरजी यात्रा का प्रचार-प्रसार प्रारंभ किया जाएगा। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और शेष भारत प्रोविंसेज से फेडरेशन 1008 यात्रियों को सम्मेदशिखरजी यात्रा का लक्ष्य रखा गया है।
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन गांधी, महामंत्री महेंद्र बंडी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चांपावत, राजस्थान प्रोविंस अध्यक्ष धनपाल जैन सरोदा, महामंत्री गोवर्धन लाल जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ कौशल्या पतंग्या, राजस्थान प्रोविंस महिला प्रकोष्ठ अध्यक्षा डॉ निधि जैन तथा संस्थापक सदस्य अजीत कोठिया एवं भरत कोरावत ने सभी साधर्मी बंधुओं को भगवान अनंतनाथ जन्म तप कल्याणक पर्व पर हार्दिक बधाई एवं अशेष विशेष शुभकामनाएं संप्रेषित की है।













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