सतोदय तीर्थ सेरोन पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ सोमवार को मुनि श्री सुधासागर महाराज के ससंध सानिध्य में पूर्ण हुआ। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर…
ललितपुर। सतोदय तीर्थ सेरोन पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ सोमवार को मुनि श्री सुधासागर महाराज के ससंध सानिध्य में पूर्ण हुआ। जिसमें भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत से मोक्ष गमन का दृश्य हजारों लोगों ने अयोध्यापुरी में देखा और गजरथ में विराजित श्रीजी के साथ श्रद्धालुजन भक्ति पूर्वक सम्मलित हुए। प्रातःकाल श्री जी का अभिषेक शांतिधारा के बाद नित्यगह पूजन हुई। वेदी पर ही कैलाश पर्वत की सुन्दर रचना की गई। जिस पर्वत पर आदिनाथ जी ने बैठ कर ध्यानरूढ़ होकर सिद्धत्व प्राप्त किया। मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने उपस्थित जन समुदाय को ध्यान साधना कराई और क्षणभर में ही भगवान आदिनाथ को मोक्ष की प्राप्ति हो गई। इस दृश्य को देखने अपार जनसमूह आतुर था।
अग्निकुमार इन्द्रों ने हवन किया
इस मौके पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि पुण्य के अभाव में कोई काम नहीं आता। जिनके आगे पीछे इन्द्र थे। जन्म पर रत्नवृष्टि हुई। सारा वैभव था, जब पुण्य में हीनता आई वैराग्य हुआ और कैलाश पर्वत से मोक्ष गए और कपूर की भांति शरीर विलीन हो गया। प्रतिष्ठाचार्य बालब्रहमचारी प्रदीप भैया ने भगवान आदिनाथ के मोक्ष के पश्चात कैलाश पर्वत पर अग्निकुमार इन्द्रों ने हवन किया। इसके उपरान्त विश्व शांति महायज्ञ में इन्द्र इन्द्राणियों ने पूर्ण आहुति दी।
हमें परमात्मा बनने का मार्ग दिखाया
इस मौके पर मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंच कल्याणक महोत्सव में पाषाण से परमात्मा बनाने की प्रक्रिया होती है। तीर्थंकर आदिनाथ ने कर्मों को नाश कर मोक्ष पद को प्राप्त किया और हमें परमात्मा बनने का मार्ग दिखाया। पंचकल्याण को अपने आचरण में लाने में ही कल्याण है। जिस तरह नशा करने से अघाते नहीं है, पाप करने से तृप्ति नहीं होती उसी तरह धर्म जितना करोगे बढ़ेगा।
प्रभु जी की प्रतिमाएं आकर्षण का केन्द्र रहीं
मध्यान्ह में गजरथ परिकमा का शुभारम्भ अयोध्यापुरी से हुई। जिसमें आगे बज पताका लिए हुए दिव्यघोष अनुशासित ढंग से चल रहे थे। रजत रथ एवं गजरथों में सवार प्रभु जी की प्रतिमाएं आकर्षण का केन्द्र रहीं। जिसमें प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्र श्री जी को लिए थे। भव्य शोभायात्रा में स्याद्वाद वर्धमान सेवा संघ, आदिनाथ सेवा संघ के स्वयं सेवक प्रदर्शन कर रहे थे। गजरथ के आगे मुनि सुधासागर महाराज, मुनि श्री निरापद सागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर एवं एलक जी महाराज और उनके पीछे-पीछे ब्रहमचारी ब्रहमचारिणी बहन मंगल भजन कर रही थी।
शोभायात्रा में यह रहे शामिल
शोभायात्रा में इंद्र इन्द्राणि भक्ति करते हुए अनुशासित ढंग से चल रहे थे। प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्र महाराजा नाभिराय मरूदेवी मालती महेन्द्र सर्राफ, सौधर्म इन्द्र अनुपमा सतीश जैन बजाज, कुबेर सीमा सिंघई मनोज जैन, महायज्ञनायक सुमन विमल जैन, ममता अमित जैन वल्ली डोंगरा भरत चकवर्ती, विजय जैन लागौन वाहुवलि, नीतेश जैन विलौआ जखौरा राजा सोम, देवेन्द्र कुमार मंजू जैन राजा श्रयांस, पवन जैन बाबा मार्बल ईशान इन्द्र, समता जैन आनंद जैन साइकिल सनत इन्द्र, बाहमेन्द्र रूबी संजय मोदी, विधि यज्ञनायक राजू जैन मढावरा, महामण्डलेश्वर राजीव जैन पीहर साड़ी रथों में विराजित रहे।
इन्होंने अभिषेक में लिया भाग
परिकमा के बाद श्री जी को स्वयंसेवको के दिव्यघोषों के साथ प्रतिष्ठा मंच पर विराजित किया। जहां श्री जी का अभिषेक मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में हुआ। जिसमें उन्होने सभी को आर्शीवाद प्रदान किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से नगरपालिका अध्यक्ष सोनाली जैन अभिलाषा, श्रेष्ठी शीलचंद अनौरा, अखिलेश गदयाना, अनिल जैन अंचल, महेन्द्र महरैया, संजय रसिया, प्रफुल्ल जैन, सत्येन्द्र गदयाना, सनत जैन खजुरिया धन्यकुमार जैन एड, अरविन्द जैन आप्टीशियन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इन्होंने किया संयोजन
गजरथ महोत्सव की व्यवस्थाओं को आचार्य विद्यासागर व्यायामशाला, वीर सेवा संघ, जैन मिलन मुख्य शाखा के अतिरिक्त जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय, महामंत्री आकाश जैन, सतोदय तीर्थ अध्यक्ष सतीश जैन बजाज, महामंत्री सिंघई मनोज जैन बबीना, विजय जैन लागौन, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया,अजय जैन जखौरा, आनंद जैन साइकिल, संजय रसिया, नीतेश विलौआ, अमितेश जैन, अभय जैन ग्राफिक्स, अनंत सराफ, श्रयांस जैन गदयाना, राजेन्द्र जैन मिठ्या, पं जयकुमार जैन, अभय जैन, प्रदीपजैन बरौदा, अवध किशोर जैन, प्रदीप जैन बरोदा, सौरम जैन पीलू, संयोजित कर रहे थे।













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