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दीक्षा दिवस भी मनाया जाएगा : पीछे भी देखो, पिछलग्गु न बनो, नहीं तो जिंदगी भर पीछे रहोगे – मुनि श्री विनम्र सागर


मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज बताते थे कि आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक शब्द लिखा है बारबेरियन मतलब, विकसित लेकिन विक्षिप्त प्रवृत्ति का, जाहिल। एक राष्ट्र कैसे बनाया जाता है, उसके निर्माण के लिए तीन चीज चाहिए जमीन, जनसंख्या और मालिकाना हक। इन तीनों से बनता है राष्ट्र का शरीर और आत्मा बनती है उसकी संस्कृति से। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। छत्रपति नगर के दलाल बाग में मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज बताते थे कि आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक शब्द लिखा है बारबेरियन मतलब, विकसित लेकिन विक्षिप्त प्रवृत्ति का, जाहिल। एक राष्ट्र कैसे बनाया जाता है, उसके निर्माण के लिए तीन चीज चाहिए जमीन, जनसंख्या और मालिकाना हक। इन तीनों से बनता है राष्ट्र का शरीर और आत्मा बनती है उसकी संस्कृति से। हमारे देश का पहला शब्द था आर्यावर्त। डंका बजाने वाला यह भारत वर्ष का दूसरा नाम इंडिया दिया गया। फिर कहते हैं एक राष्ट्र कैसे टूटता है, पहले जमीन टूटती है फिर जनसंख्या और उसके बाद मलिकाना हक टूटता है अंत में संस्कृति भी टूटती है।

इस आर्यावृत को कितनी बार तोड़ा गया। इसकी जमीन जनसंख्या व मालिकाना हक चला गया। उन्होंने वहां से भारत की संस्कृति को मिटाया। पहले इसमें पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, भूटान म्यांमार ,बलूचिस्तान सब हमारा था। हमने गुलामी का दर्द कहां देखा? उन्होंने कहा कि मैं 19 वर्ष की उम्र में नालंदा देखने गया था। वहां 15000 कमरे छात्रों के रुकने के लिए थे। इसके अलावा कामन रूम व शिक्षकों की व्यवस्था अलग से थी। नालंदा की लाइब्रेरी में 90 लाख किताबें थी। आताताई जब यहां आए तो उन्होंने पूछा कि यहां कुरान तो नहीं रखी है, फिर उन्होंने उसमें आग लगा दी, वह आग 6 माह तक जलती रही।

हमारा पूरा इतिहास मिटा दिया। इतना ही नहीं नालंदा के बाद तक्षशिला को भी जलाया। उन्होंने कहा कि पीछे भी देखो , पिछलग्गू ना बनो, नहीं तो जिंदगी भर पीछे रहोगे। छोटे होते होते हम कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक सीमित हो गए। इतिहास बदलने के उपक्रम चलते रहे। पूरे विश्व में 50 देश में मुसलमान का और 100 देश में ईसाइयों का राज है। भारत में मात्र 40 लाख सैनिक है इनके ऊपर देश के 150 करोड़ लोगों की रक्षा करने की जवाबदारी है।

राष्ट्र बढ़ाते हैं, सिकुड़ते हैं, हमने संस्कृति छोड़ दी। हमारे देश में अरबी के बाद अंग्रेजी आई , जो आज भी चल रही है। सबसे पहले हमें भाषा बदलना होगी। इजराइल ने नियम बना दिया कि वहां हर बालक को 12th तक अनिवार्य रूप से सैनिक शिक्षा देना है। जापान में केवल जापानी भाषा ही चलती है, वे अपने भगवान के ऊपर अपने राष्ट्र को मानते हैं। आज वक्त है देश बचाने का ।

गद्दारों वाला डीएनए बदलिए। साधुओं की भाषा श्रावक को नहीं सीखना चाहिए। भारत को बचाना चारों वर्णों के लोगों की जवाबदारी है। गुरुवर कहते हैं, कि जैनियों का पहला धर्म है मुनि बनना और दूसरा है ग्रहस्थ बनना। ऐसी संताने पैदा करो जो देश के काम आए। मैं भारत वासियों से दो चीजों की अपेक्षा करता हूं –

1- अपने बच्चों का एडमिशन एनडीए में कराओ।

2- 12th तक संस्कृत और सैनिक अभ्यास अनिवार्य रूप से चालू करना चाहिए।

आज देश में केवल लव- जिहाद ही नहीं चल रहा ,फूड जिहाद भी है, जो नौजवानों को नपुंसक बना रहा है।

उन्होंने कहा कि संत और सैनिकों ने ही इस देश को बचा रखा है। प्रारंभ में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री हुकुमचंद जी सांवला ने कहां कि हमें पालने वाले और संभालने वाले भी ये गुरु ही हैं । हमें एक सूत्र में बांधना पड़ेगा । संपूर्ण सकल समाज एक साथ दिखना चाहिए। दिगंबर जैन समाज, सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि शनिवार को सुबह 8:30 बजे से मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज जी का दीक्षा दिवस मनाया जाएगा।

व दोपहर 1:00 बजे से सैनिक सम्मान समारोह होगा और रात 8:30 बजे एक से एक शाम भक्ति और देशभक्ति के नाम कार्यक्रम होगा। इसके सूत्रधार नितेश बुरहार होंगे। इस अवसर पर मनोज बाकलीवाल, मनीष नायक, विपुल बांझल, सतीश डबडेरा, सतीश जैन, शिरीष अजमेरा, भूपेंद्र जैन, आनंद जैन, आलोक बंडा, अमित जैन आदि विशेष रूप से मौजूद थे।

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