समाचार

भगवान पुष्पदंत मोक्ष कल्याणक पर श्रावकों ने अर्पित किया निर्वाण लाडू : जीवन में मन की पवित्रता ही कल्याणकारी है – आचार्य निर्भय सागर


ललितपुर में चल रहे महापर्व पर्युषण के दौरान आचार्य निर्भयसागर महाराज ने शौच धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन की सच्ची पवित्रता मन की शुचिता से आती है। भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर भक्तों ने निर्वाण लाडू अर्पित किए और बच्चों ने प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…


ललितपुर। प्राणी को नाम का संतोषी नहीं बल्कि आचरण का संतोषी बनना चाहिए। सभी पापों का बाप लोभ है और पापों की माँ तृष्णा है। व्यक्ति को धन, भोजन और नारी के प्रति लोभ नहीं करना चाहिए जबकि दान देने, पठन करने और तप में हमेशा लोभ करना चाहिए। ये विचार आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ने जैन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में पर्युषण पर्व के अवसर पर शौच धर्म के संदर्भ में व्यक्त किए। आचार्य श्री ने कहा – पाप की मां लोभ है, पाप का बाप आशा है, पाप की बेटी तृष्णा है और पाप की वहन ईर्ष्या है। यदि आत्मा को परमात्मा बनाना है और घर को उत्तम बनाना है तो इस परिवार से दूरी रखनी होगी।

उन्होंने बताया कि तन की पवित्रता बाहरी होती है, जबकि सच्ची शुचिता मन की होती है। संतोष धारण करने से आत्मा में शुचिता आती है और वही कल्याणकारी है।

पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित

इस अवसर पर श्रेष्ठीजनों ने दीप प्रज्ज्वलित कर धर्म सभा का शुभारंभ किया। आचार्य विद्यासागर, आचार्य अभिनंदनसागर और आचार्य विपुलसागर महाराज के चित्रों के समक्ष श्रद्धा भाव से पूजन हुआ। प्रातःकाल सामायिक, प्रतिक्रमण और सम्मेदशिखर तीर्थक्षेत्र की भाव यात्रा की गई। पुण्यार्जक परिवार ने भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किए।

अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि सुदत्त सागर और मुनि पदमदत्त सागर महाराज के सानिध्य में श्रावकों ने प्रभु अभिषेक और शांतिधारा की। आचार्य श्री ने शौच धर्म को समझाते हुए कहा कि संतोष रूपी जल से आत्मा पवित्र होती है और सच्चा सुख मिलता है।

नगर के विभिन्न जैन मंदिरों – आदिनाथ बड़ा मंदिर, चंद्रप्रभु मंदिर, शांतिनगर मंदिर, गांधीनगर मंदिर, इलाइट जैन मंदिर और सिविल लाइन जैन मंदिर में भक्तों ने पूजन अर्चन कर धर्मलाभ लिया। सायंकाल आरती और प्रवचन के बाद बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्हें श्रद्धालुओं ने सराहा।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page