मुनिश्री ने कहा कि मेरी किस्मत में क्या लिखा है आदमी इसी में भटक रहा है। भाग्य भरोसे जिंदगी कचरे के समान है जो किस्मत का खाता है। उसे मोक्ष मार्ग में कोई स्थान नहीं है। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। आध्यात्म जगत के सूर्य आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के परमप्रभावक शिष्य जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर के सानिध्य में यशोदय तीर्थ पर धर्म प्रभावना बह रही है। प्रातकालीन वेला में मुनिश्री के सानिध्य में जिन अभिषेक पूजन और शांतिधारा हुई। शान्ति धारा करने का सौभाग्य सुशील मोदी मेरठ, आदिनाथ पूजन समिति ,शिखर सिलौनया एवं सुमत मिठया को प्राप्त हुआ। इस मौके पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि मेरी किस्मत में क्या लिखा है आदमी इसी में भटक रहा है। भाग्य भरोसे जिंदगी कचरे के समान है जो किस्मत का खाता है। उसे मोक्ष मार्ग में कोई स्थान नहीं है। तुम क्या हो इससे ऊपर उठो सत्य से ऊपर उठो बस याद रखो कि मैं भगवान का भक्त हूं। जो सत्य से ऊपर उठ जाता है वह सत्य को पा जाता है। सत्य में चमत्कार नहीं होता सत्य विश्वास में होता है। विश्वास के संबंध बनाओ ।
यशोदय तीर्थ पर मुनिश्री सासंघ के सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीसी समोशरण विधान का आयोजन किया जाना है जिसके लिए पात्र चयन किया गया। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य कपिल कुमार चक्रेश बुखारिया को प्राप्त हुआ। वहीं धनकुबेर अभय घिया ,भरत चक्रवर्ती जिनेश्वर बुखारिया एवं बाहुबली अभिनंदन चौधरी को बनने का सौभाग्य मिला। संचालन ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश अशोकनगर ने किया। आभार अध्यक्ष राजा चौधरी ने व्यक्त किया । मुनिश्री सुधासागर महाराज को आहार कराने का सौभाग्य आनंद कुमार रवि सराफ को प्राप्त हुआ।













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