जैन विश्व भारती संस्थान लाडनूं में अहिंसा एवं शांति विभाग तथा आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल ऑफ जूरिस्ट, लंदन के वाइस चेयरमैन वीरेंद्र वशिष्ठ रहे। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
लाडनूं। जैन विश्व भारती संस्थान लाडनूं में अहिंसा एवं शांति विभाग तथा आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल ऑफ जूरिस्ट, लंदन के वाइस चेयरमैन वीरेंद्र वशिष्ठ रहे।
मानव एकजुटता ही विश्व शांति का मूल आधार
व्याख्यान का विषय मानव एकजुटता: विश्व शांति का मूल आधार रखा गया। वशिष्ठ ने अपने उद्बोधन में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता विश्व शांति एवं विश्व कल्याण का आधार है। उन्होंने कहा कि सभी का दायित्व है कि हम संप्रदाय, जाति, नस्ल, क्षेत्र और राष्ट्रवादी प्रवृत्तियों से ऊपर उठकर वसुदैव कुटुंबकम की भावना को बढ़ावा दें। इसके लिए सह-अस्तित्व, सद्भाव और समायोजन की प्रवृत्तियों को अपनाना आवश्यक है। वशिष्ठ ने यह भी बताया कि विश्व समुदाय का निर्माण एक-एक व्यक्ति से मिलकर होता है, अतः हमें अपनी विचारधारा के साथ-साथ दूसरों की विचारधारा का भी सम्मान करना चाहिए और उसका अस्तित्व स्वीकार करना चाहिए। तभी मानव एकजुटता संभव हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति, परिवार तथा समाज के मध्य समन्वय होने से एकजुटता बढ़ती है और इसके लिए शिक्षा एक महत्वपूर्ण आयाम है।
महिलाओं की अग्रणी भूमिका
वक्ता ने कहा कि यदि समाज में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभाएं तो मानव एकजुटता को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं की उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि जैन विश्व भारती संस्थान महिला शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है।
विद्यार्थियों का सहभाग
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने अपने जिज्ञासाएं प्रस्तुत कीं, जिनका वशिष्ठ ने समाधान किया। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र सिंह राठौड़ के स्वागत वक्तव्य से हुई, जबकि अहिंसा एवं शांति विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बलबीर सिंह ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संयोजन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. लिपि जैन ने किया।
उपस्थित सदस्य
इस अवसर पर संकाय सदस्यों के रूप में डॉ. प्रगति भटनागर, प्रेयस सोनी, मनीष पारीक, विनय पंवार सहित संस्थान के विद्यार्थी उपस्थित रहे।













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