चर्या शिरोमणी आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री साम्यसागर जी महाराज द्वारा संस्कृत पाठशाला की स्थापना की गई है। आप सभी इस पाठशाला से संस्कृत सीख सकते हैं। पढ़िए यह रिपोर्ट…
इंदौर। चर्या शिरोमणी आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री साम्यसागर जी महाराज द्वारा संस्कृत पाठशाला की स्थापना की गई है। आप सभी इस पाठशाला से संस्कृत सीख सकते हैं, जिसके लिए “Sanskrit Pathashala” YouTube चैनल का उपयोग किया जा सकता है। श्रमण मुनि श्री साम्यसागर जी महाराज ने न्याय, व्याकरण, और सिद्धांत शास्त्रों के अध्ययन में स्वयं को समर्पित कर दिया है। आचार्य श्री द्वारा रचित अनेक ग्रंथों का आपने संस्कृत में अनुवाद किया है। दीक्षा के बाद से आपने सभी चातुर्मास अपनी दीक्षा गुरु के साथ करके ज्ञान की गंगा बहाई है।
साभार- राजेश जैन दद्दू
शब्दांकन – अभिषेक अशोक पाटील













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