तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज में आयोजित लेक्स कर्निवाल–चैप्टर 02 के दौरान मूट कोर्ट और पार्लियामेंट्री डिबेट में छात्रों ने उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि बार अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि लॉ स्टुडेंट्स में सीखने की ललक हमेशा बनी रहनी चाहिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज में आयोजित लेक्स कर्निवाल–चैप्टर 02 के तहत पाँचवें मूट कोर्ट प्रतियोगिता में मुरादाबाद द बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष श्री आनन्द मोहन गुप्ता ने बतौर जज शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने लॉ स्टुडेंट्स को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि वे कभी भी अपने आपको पूरी तरह परफेक्ट न समझें और सीखने की उत्सुकता को हमेशा जीवित रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ज्ञान कहीं से भी और कभी भी अर्जित किया जा सकता है, बस सीखने की ललक का बने रहना जरूरी है।
मूट कोर्ट में स्टुडेंट्स का शानदार प्रदर्शन
मूट कोर्ट में लॉ स्टुडेंट्स ने बेहतरीन प्रजेंटेशन दिए, जिनकी श्री गुप्ता ने सराहना की। उन्होंने कहा कि टीएमयू के मेधावी विद्यार्थी और अनुभवी फैकल्टी किसी भी विधि महाविद्यालय के लिए प्रेरणा हैं। कार्यक्रम में लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने बुके देकर श्री गुप्ता का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि लेक्स कर्निवाल–चैप्टर 02 छात्रों के करियर में मील का पत्थर साबित होगा। प्रतियोगिता के अंत में श्री गुप्ता ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार भी प्रदान किए। इस अवसर पर डॉ. अमित वर्मा सहित अन्य फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित रहे।
वन नेशन, वन इलेक्शन पर हुई जोरदार पार्लियामेंट्री डिबेट
लेक्स कर्निवाल के दौरान वन नेशन, वन इलेक्शन विषय पर पार्लियामेंट्री डिबेट का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने पक्ष और विपक्ष में तार्किक एवं तथ्यात्मक तर्क रखे।
पक्ष की ओर से खुशी गुप्ता ने प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए और सर्वश्रेष्ठ वक्ता रहीं, जबकि विपक्ष की ओर से इशू कुमार शुक्ला ने दमदार बहस करते हुए बेस्ट स्पीकर का खिताब जीता।
निर्णायक मंडल में कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार, आईक्यूएसी के डायरेक्टर प्रो. नीतीश मिश्रा और सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य प्रो. सुशील कुमार सिंह के स्वागत भाषण से हुई।
बहस में उठे प्रमुख मुद्दे
बहस के दौरान सत्ता पक्ष ने समय और धन की बचत, प्रशासनिक सरलता, बार-बार लगने वाले मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट से होने वाले व्यवधानों में कमी तथा चुनावी ऊर्जा के व्यय में कमी जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
वहीं विपक्ष ने संघीय ढांचे पर संभावित प्रभाव, जवाबदेही के कमजोर होने, संवैधानिक जटिलताओं, सुरक्षा बलों पर बढ़ते बोझ तथा लॉजिस्टिक चुनौतियों का हवाला देते हुए प्रस्ताव का विरोध किया।
मत विभाजन में प्रस्ताव ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पारित तो हुआ, लेकिन प्रतियोगिता में विपक्ष को उसके सशक्त तर्कों के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अतुल कुमार, श्री वैभव कुमार, डॉ. बिशनानंद दुबे, डॉ. सौरभ बटार और डॉ. योगेश चंद गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन डॉ. माधव शर्मा ने किया।













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