भाग्योदय तीर्थ क्षेत्र में जगतपूज्य सुधा सागर महाराज के सान्निध्य में मध्य प्रदेश के सकल दिगंबर जैन समाज का वृहद सम्मेलन आयोजित हुआ। मध्य प्रदेश के लगभग 52 जिलों से विभिन्न संस्थाओं, मंदिरों, समाज संगठनों, सोशल ग्रुप फेडरेशन, विश्व जैन संगठन इंदौर, और तीर्थ क्षेत्रों के हज़ारों प्रतिनिधि सम्मेलन में उपस्थित हुए। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर/सागर। भाग्योदय तीर्थ क्षेत्र में जगतपूज्य सुधा सागर महाराज के सान्निध्य में मध्य प्रदेश के सकल दिगंबर जैन समाज का वृहद सम्मेलन आयोजित हुआ। मध्य प्रदेश के लगभग 52 जिलों से विभिन्न संस्थाओं, मंदिरों, समाज संगठनों, सोशल ग्रुप फेडरेशन, विश्व जैन संगठन इंदौर, और तीर्थ क्षेत्रों से हज़ारों प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सम्मेलन में सभी के मन में एक गहरी वेदना थी कि समाज बंट चुका है और अब एकजुट होना जरूरी है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए, जब जगतपूज्य मुनि पुंगव सुधासागर जी ने मंच से “सिंह नाथ शंखनाद” किया, तो उन्होंने सम्पूर्ण समाज के अंतर्मन को झकझोर दिया।
जगतपूज्य ने इस संगठन का नाम “राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ” रखा और “जैनम जयतु शासनम्, वन्दे भारत” का नारा दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सुभाष चंद्र बोस जैसा संगठन चाहिए, जो अपनी शपथ पर अडिग रहे। हज़ारों प्रतिनिधियों ने अपने शीश जगतपूज्य के चरणों में समर्पित करते हुए कहा कि वे धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित करने को तैयार हैं। गुरुदेव ने सभी को एकता का संदेश देते हुए कहा कि हमें केवल दिगंबर जैन के रूप में एकजुट रहना है।
जगतपूज्य ने उद्बोधन देते हुए कहा कि संगठन 13 पंथ, 20 पंथ, सोनगढ़, संतवाद आदि से ऊपर उठकर काम करेगा और एक विशेष केसरिया ध्वज के नीचे सभी एकता से कार्य करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संगठन की किसी मीटिंग में किसी सदस्य का विशेष सम्मान नहीं होगा और सभी समान रूप से रहेंगे। गुरुदेव ने 5 व्यक्तियों को अजीवन ब्रह्मचार्य व्रत लेकर समाज को समर्पित होने का आह्वान किया, जिसमें 2 व्यक्तियों ने तुरंत स्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि यह संगठन जल्दी ही राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगा। अंत में, उन्होंने “नमोस्तु शासन, जयवंत हो” का आह्वान किया।













Add Comment