टीकमगढ़ जिले के लार गांव में जैन परिवार ने बेटी के जन्म पर ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ भव्य गृह प्रवेश कराकर समाज को बेटियों के सम्मान का प्रेरणादायक संदेश दिया। पढ़िए मुकेश जैन लार की रिपोर्ट…
टीकमगढ़। जिले के निकटवर्ती ग्राम लार में रहने वाले जैन परिवार ने बेटी के जन्म पर ऐसा अनोखा जश्न मनाया, जिसने पूरे नगर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। समाज में बेटी को बराबरी का दर्जा दिलाने और बेटी बचाओ अभियान को आगे बढ़ाते हुए शिक्षक दिनेश जैन के घर पहली बार जन्मी नन्ही परी का भव्य गृह प्रवेश आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ किया गया।
जैसे ही कन्या का घर आगमन हुआ, पूरे घर को फूलों से सजाया गया। ढोल-ताशों की गूंज और आनंद के बीच परिवार के सदस्यों ने बिटिया की अगुवाई बड़े गर्व और उत्साह के साथ की। नन्ही परी के इस स्वागत को देखने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। नगरवासियों ने इस अनोखे आयोजन की दिल खोलकर सराहना की।
जैन परिवार में पहली बेटी के जन्म से घर में खुशियों का माहौल दोगुना हो गया। परिवार ने समाज को यह संदेश दिया कि बेटियां सम्मान, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक होती हैं।
नन्ही परी के दादा डॉ. अरविंद्र जैन ने कहा—
“बेटियों को समाज में बेटों के समान मान-सम्मान मिलना चाहिए। वे परिवार की शान और भविष्य की वास्तविक शक्ति हैं। जैन परिवार की इस पहल ने समाज में सकारात्मकता का संदेश दिया है कि बेटियां किसी से कम नहीं और उनका स्वागत प्रेम और गर्व से किया जाना चाहिए।













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