सभी ग्रहों में गुरु ऐसा ग्रह है जो धर्म, अध्यात्म, शिक्षा, दीक्षा, धन समृद्धि के लिए विशेष भूमिका रखता है। यह ग्रह एक राशि में करीब एक वर्ष एक माह रहता है इसलिए हर राशि वालों पर अपना प्रभाव दिखाता है।वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि गुरु ग्रह 01 मई को अपने मित्र मंगल की मेष राशि से निकल कर शत्रु शुक्र की वृष राशि में प्रवेश कर रहा है और 14 मई 2025 तक वहाँ रहने से हर राशि पर असर करेगा। पढि़ए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट ……
ग्वालियर।सभी ग्रहों में गुरु ऐसा ग्रह है जो धर्म, अध्यात्म, शिक्षा, दीक्षा, धन समृद्धि के लिए विशेष भूमिका रखता है। यह ग्रह एक राशि में करीब एक वर्ष एक माह रहता है इसलिए हर राशि वालों पर अपना प्रभाव दिखाता है।वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि गुरु ग्रह 01 मई को अपने मित्र मंगल की मेष राशि से निकल कर शत्रु शुक्र की वृष राशि में प्रवेश कर रहा है और 14 मई 2025 तक वहाँ रहने से हर राशि पर असर करेगा। वहीं इसका पूरे वर्ष राहु से त्रिकादश योग एवं शनि ग्रह से केंद्र योग भी बना रहेगा। इस योग से पृथ्वी पर अधर्म, भ्रष्टाचार, अनीति, उपद्रव एवं महिलाओं पर अत्याचार भी बढ़ सकते हैं। किसी बड़ी पार्टियों के बड़े नेताओ के भ्रष्टाचार में लिप्त होने से बड़ी पार्टियों की साख कमजोर होगी। देश के नागरिक पाश्चात्य सभ्यता का अनुसरण करेंगे। किसी बड़े धार्मिक संत के अनैतिक कार्य में फँसने से लोगों की धर्म में आस्था कम होगी।
राशियों पर प्रभाव:-
मेष-परिवार में धन समृद्धि, मान-सम्मान एवं मंगल कार्य होगें अर्थात हर तरह से शुभ रहेगा।
वृष-वृष राशि वालों को लाभ काम, खर्च अधिक, रोजगार-व्यापार में विघ्न बाधाएं। स्वास्थ्य में कमी रहेगी।
मिथुन-मिथुन राशि वालों को संतान एवं शुभ कार्यों पर खर्च होगा। धन की वापसी नहीं होगी। किसी बड़ी घटना के कारण होने वाली मानसिक पीड़ा से बचें।
कर्क-कर्क राशि वालों के लिए नए आर्थिक लाभ के रास्ते खुलेंगे. धन, प्रतिष्ठा, अधिकार बढ़ेंगे। संतान सुख, वैभव एवं सफलता मिलेगी।
सिंह-सिंह राशि वालों के लिए मान-सम्मान एवं अधिकार तो बढ़ेंगे लेकिन अकारण वाणी के कारण अपनों से मतभेद भी होंगे।
कन्या-कन्या राशि वालों के लिए धर्म-कर्म अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। संतान, भाई बंधुओं से लाभ-सुख एवं व्यापार, समाज में उन्नति होगी।
तुला-तुला राशि वालों के लिए विपरीत परिस्थितियों से मानसिक पीड़ा, कष्ट, वाणी पर अनियंत्रण एवं क्रोध से हानि होगी।
वृश्चिक-वृश्चिक राशि वालों के लिए विवाह, पारिवारिक सुख समृद्धि. उन्नति एवं आर्थिक लाभ, कार्यों में सफलता मिलेगी।
धनु-धनु राशि वालों को संतान की चिंता ,स्वास्थ्य में कमी से मन विचलित रहेगा।
मकर-मकर राशि वालों के लिए बुद्धि, विवेक एवं तर्क शक्ति से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता, अचानक आर्थिक लाभ, कार्य क्षेत्र में उन्नति एवं आनंद में वृद्धि होगी।
कुंभ-कुंभ राशि वालों के लिए घरेलू अशांति, स्थान परिवर्तन, क्लेश एवं शत्रुओं से कष्ट रहेगा।
मीन-मीन राशि वालों को लाभ में कमी, यात्राओं में खर्च एवं भाई बंधुओ में आपसी तनाव से विवाद बढ़ सकते है।
व्यापारिक वस्तुओ पर इसका असर
चांदी ,तेल ,घी, रस पदार्थ महंगे रहेंगे। 07 मई को अस्त होने से अनाजों में तेजी बनेगी। 01 जून को ज्येष्ठ माह में उदय होने से कहीं सूखे की स्थिति एवं पश्चिम प्रांतों में बाढ़ के कारण हानि होगी। 12 जून से रोहिणी नक्षत्र के प्रथम चरण में जाने से सोना, चांदी में मंदी, 27 जून से दूसरे चरण से हल्दी, सरसों, रुई में मंदी, 09 अक्टूबर से गुरु के वृष राशि में वक्री होने से सोना, चांदी, तेल, घी और महंगे होंगे।













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