समाचार

मांझ मंदिर में बह रही जिन धर्म प्रभावना : मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में मनाया होली पर्व


भगवान पार्श्वनाथ मांझ जैन मंदिर में मुनिश्री सुधासागर जी महाराज की धर्मप्रभावना जारी है। उनके सानिध्य में मंदिर नवनिर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की विशेष रिपोर्ट…


टीकमगढ़। भगवान पार्श्वनाथ मांझ जैन मंदिर में मुनिश्री सुधासागर जी महाराज की धर्मप्रभावना में श्रावक आनंदित हैं। उनके सानिध्य में मांझ के 200 वर्ष पुराने प्राचीन मंदिर का नवनिर्माण का शुरू हो गया है और होली पर्व पर शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि पापी का धन सातिशय पुण्य में नहीं लगता। मंदिर टूटा नहीं, नया बन रहा है। यदि पुराना मंदिर नहीं टूटता तो पुण्य कैसे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि हम कौन सी क्रिया किस अभिप्राय से करते हैं, यह महत्त्वपूर्ण है। कुछ लोग प्रवचन संसार छोड़ने के लिए सुनते हैं लेकिन कुछ लोग उसी सें संसार को बढ़ाने का काम करते हैं। अभिप्राय से ही क्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है। वहीं महापाप पांच प्रकार के होते हैं। इन्हें जान लेंगे तो दुर्गति नहीं होगी। दान भी किसलिए कर रहे हैं, इसका ध्यान रखें। डर, लोकलाज के भय से दान न करें। दान हमेशा गुरुओं के आशीर्वाद से करना चाहिए।

इससे पहले मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में प्रातःकाल में जिन अभिषेक और शांतिधारा हुई। मुनिश्री सुधासागर जी महाराज से राजस्थान, महरौनी, जतारा से आये भक्तजनों ने श्रीफल अर्पित कर मंगल सानिध्य का निवेदन किया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
3
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page