समाचार

जिन धर्म प्रभावना पदयात्रा अहिंसा शाकाहार का जयघोष : पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का एक पर्याय बन जागरूकता फैला रही 


आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…


कोटा। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। पदयात्रा संयोजक रामगंजमंडी के मिथुन मित्तल ने बताया कि जैसे-जैसे यह पदयात्रा आगे बढ़ रही है, भक्तों का रेला बढ़ता ही जा रहा है। साथ ही गुरुदेव ने जो पर्यावरण संरक्षण की महिमा में पौधरोपण का जो बीड़ा उठाया है, वह भी किया जा रहा है एवं कई स्थानों पर पौधरोपण भी किया जा रहा है। मित्तल ने बताया कि भक्त भक्तिमय भजनों पर झूम रहे हैं और आलम यह है कि भक्त यह कह रहे गुरुदेव का आशीष हमें इतना मिल रहा है कि हमें पैदल चलने की थकान ही नहीं हो रही है।

भक्तों के मन के यही भाव हो रहे हैं, स्वस्तिधाम चलेंगे प्रज्ञासागर जी के संग में मुनिसुव्रत के द्वारे, नर-नारी सब चलो प्रज्ञा सागर जी के संग में, गुरु संग चलकर हम तो भाग्य चमकाएंगे। मंगलवार सुबह पदयात्रा तानसेन से मंगल मंगल विहार करते हुए देवपुरा बूंदी पहुंची। जहां आहारचर्या हुई। मंगलवार दोपहर में मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स पहुंचेगी। जहां पदयात्रा का रात्रि विश्राम होगा। बुधवार की प्रातः बेला में मंगल प्रभात को मंगल करते हुए नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स से मंगल विहार करते हुए बंधन रिसोर्ट्स पहुंचेगी, जहां आहारचर्या होगी। यहां से मंगल प्रस्थान करते हुए यह मंगल यात्रा चतरगंज पहुंचेगी। जहां रात्रि विश्राम होगा। 18 दिसंबर की प्रातः बेला में चतरगंज से मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नान तलाई चौराहा पहुंचेगी। जहां आहारचर्या होने के बाद दोपहर की बेला में मंगल विहार करते हुए भेड़िया गांव पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। यह पदयात्रा आनंद मंगल की कामना करते हुए विश्व शांति का घोष लिए 19 दिसंबर को जहाजपुर पहुंचेगी। सुबह-सुबह पदयात्रा सरसिया पहुंचेगी। यहां से दोपहर में मंगल विहार करते हुए मंगल की कामना लिए यह पदयात्रा संध्या बेला में भक्ति गीत करते हुए झूमते हुए जहाजपुर में मंगल प्रवेश करेगी।

जहां पदयात्रा का अलौकिक एवं दिव्या भव्य स्वागत होगा एवं गुरुदेव की ऐतिहासिक अगवानी होगी। 20 दिसंबर की प्रातः बेला में स्वस्ति धाम तीर्थ पर विश्व शांति की कामना के लिए आचार्य श्री संघ सानिध्य में भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी एवं विधिवत पदयात्रा का समापन किया जाएगा। मिथुन मित्तल ने बताया कि पदयात्रा के दौरान तय किया कि यात्रा मार्ग में पौधे लगाए जाएंगे। यह यात्रा हरित क्रांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page