मुनि श्री दुर्लभसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में सुकृति कला केंद्र सैदपुर खुरई एवं विद्याशरणम परिवार भारत के तत्वावधान में श्रुत स्वरांजलि स्वर लेखन प्रतियोगिता हुई। इसमें देश के अनेक प्रसिद्ध संगीतकारों ने भाग लिया। जिसमें जयपुर के दिव्यांश जैन प्रथम रहा। अंजलि जैन द्वितीय, प्रखर जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सागर से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर…
सागर। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री दुर्लभसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में सुकृति कला केंद्र सैदपुर खुरई एवं विद्याशरणम परिवार भारत के तत्वावधान में श्रुत स्वरांजलि स्वर लेखन प्रतियोगिता हुई। इसमें देश के अनेक प्रसिद्ध संगीतकारों ने भाग लिया। जिसमें जयपुर के दिव्यांश जैन प्रथम रहा। अंजलि जैन द्वितीय, प्रखर जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दिव्यांश जैन ने 2016 में दैनिक भास्कर अलवर द्वारा आयोजित संगीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर विदेश जाने का अवसर प्राप्त किया था। वर्तमान में दिव्यांश जयपुर विश्वविद्यालय से संगीत में पीएचडी कर रहे हैं। दिव्यांश को प्रथम पुरस्कार में सम्मान पत्र के साथ 71 हजार की राशि से सम्मानित किया गया।
मुनिश्री ने दिया आशीर्वचन
दिव्यांश दमोह जिले की फुटेरा बटियागढ़ के निवासी है। उनके पिताजी अजित जैन शास्त्री अलवर में लेक्चरर के पद पदस्थ थे और ख्याति प्राप्त विद्वान हैं। मां अर्चना जैन गृहिणी हैं। आयोजन समिति में देश के ख्याति प्राप्त संगीतकार रूपेश जैन इंदौर, धीरज बकरीवाल महापौर, ब्र. ऋषभ सेठी दमोह रहे। मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज ने सभी के लिए आशीष वचन देते हुए कहा कि आपके स्वरों के माध्यम से जैन धर्म की प्रभावना होगी और आप सभी स्वयं की, समाज की और धर्म की प्रभावना में सहभागी रहेंगे।
इन्होंने दी शुभकामनाएं
छोटी सी उम्र में संगीत के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त करने वाले दिव्यांश जैन को सागर विधायक शैलेंद्र जैन, युवा उद्योगपति कपिल मलैया, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारतीय जैन मिलन एडवोकेट कमलेंद्र जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष अरुण चंदेरिया, राजकुमार शास्त्री उदयपुर, डॉ. महेश जैन भोपाल, रमेश शास्त्री जोबनेर, आगम जैन आईपीएस छतरपुर, नीलेश जैन रामपुरा, मनोज जैन रहली, भारती जैन आदि ने शुभकामनाएं दी।













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