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इंडिपेक्स 2011 में जैन धर्म डाक टिकट संग्रह समूह का हुआ था गठन: जैन धर्म से संबंधित डाक टिकट एकत्र करने वालों का संगठन 


राजाओं का शौक अथवा हर शौक का राजा यह बात कही जाती है विश्व में डाक टिकट संग्रह के लिए। देश में डाक टिकट संग्राहकों की गिनी-चुनी संस्थाएं हैं। जिसमें जैन धर्म पर आधारित डाक टिकट संग्रहकर्ताओं की एकमात्र राष्ट्रीय संस्था लगभग 15 वर्ष पहले जैन धर्म डाक टिकट संग्रह समूह का गठन 15 फरवरी 2011 को राजधानी नई दिल्ली के प्रगति मैदान में हुई विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी इंडिपेक्स 2011 में किया गया था। इंदौर से पढ़िए, ओम पाटोदी की यह रिपोर्ट… 


इंदौर। राजाओं का शौक अथवा हर शौक का राजा यह बात कही जाती है विश्व में डाक टिकट संग्रह के लिए। देश में डाक टिकट संग्राहकों की गिनी-चुनी संस्थाएं हैं। जिसमें जैन धर्म पर आधारित डाक टिकट संग्रहकर्ताओं की एकमात्र राष्ट्रीय संस्था लगभग 15 वर्ष पहले जैन धर्म डाक टिकट संग्रह समूह का गठन 15 फरवरी 2011 को राजधानी नई दिल्ली के प्रगति मैदान में हुई विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी इंडिपेक्स 2011 में किया गया था। इस अवसर पर देश भर के 43 डाक टिकट संग्राहक उपस्थित थे। इस संस्थान को वर्तमान में जैनिज्म फिलेटली सोसायटी के नाम से देशभर में जाना जाता है। इस संस्थान से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से हजारों डाक टिकट संग्राहक जुड़े हुए हैं। यह जानकारी जैनिज्म फिलेटली सोसायटी के मीडिया प्रभारी एवं वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी ने संस्थापक अध्यक्ष सुधीर जैन के हवाले से बताया कि संग्राहकों की प्रथम बैठक 15 फरवरी 2011 को मुख्य प्रदर्शनी हॉल नंबर 11 में की गई थी। बैठक का शुभारंभ अकोला की गीताबेन वीनूभाई भविष्य द्वारा नवकार मंत्र की प्रार्थना से हुआ था। वहीं प्रदीप जैन, पटना (इंडिपेक्स आयोजन समिति के सदस्य), जतन मल धोर, जयपुर (भारत सरकार की डाक टिकट सलाहकार समिति के सदस्य), अजीत जैन, कोलकाता, नेमीचंद चोपड़ा, बीकानेर और मेजर जनरल एआरए शाह, अतिरिक्त महानिदेशक, सेना डाक सेवा जैसे वरिष्ठ डाक टिकट संग्राहक उपस्थित थे और उन्होंने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए थे।

संग्रहकर्ताओं का एक संघ बनाया था

मोबाइल फिलाटेली चलाने वाले प्रख्यात फिलाटेलिस्ट दीपक नरेंद्र मोदी जालना ने स्वागत भाषण दिया था और डॉ. प्रदीप जैन बलोद ने इस बैठक के उद्देश्य बताए थे। सभी फिलाटेलिस्टों ने जैन धर्म और उससे संबंधित विषयों के संग्रहकर्ताओं का एक संघ बनाया था, जिसका नाम ‘जैन धर्म फिलाटेली समूह’ है। वरिष्ठ फिलाटेलिस्ट धीरूभाई मेहता मुंबई, प्रदीप जैन पटना, माणिक जैन कोलकाता, जतनमल डोर जयपुर और अजीत जैन कोलकाता ने इस संघ के संरक्षक नामित किए थे और राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों को सर्वसम्मति से चुना था। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर जैन (सतना), डॉ. प्रदीप जैन (बालोद, छग)उपाध्यक्ष, एस प्रमोदकुमार जैन (पॉन्डिचेरी) उपाध्यक्ष, दीपक नरेंद्र मोदी (जलना, महाराष्ट्र) सचिव बनाया गया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय निकाय में प्रत्येक राज्य का एक प्रतिनिधि होगा।

इनको चुना था सर्वानुमति से 

राज्य प्रतिनिधियों के रूप में घोषित किए गए संजय कुमार जैन, पटना (बिहार), अजीत जैन, कोलकाता (पश्चिम बंगाल), विकास जैन, अजमेर (राजस्थान), अतुल जैन, बिलासपुर (छत्तीसगढ़), संजीव जैन, देहरादून (उत्तराखंड), योगेंद्रकुमार जैन, आगरा (उत्तर प्रदेश), हेमंतकुमार जैन, मंडिया (मध्यप्रदेश), विनोद जैन, गुवाहाटी (असम), विजय सी शाह, भावनगर (गुजरात), छगनराज जैन, बेल्लारी, मनीष जैन, बैंगलोर (कर्नाटक), नीरज जैन, अमृतसर (पंजाब) शामिल रहे। इस अवसर पर दो खूबसूरत बहुरंगी विशेष कवर भी जारी किए गए। इन कवरों को पुडुचेरी के एस. प्रमोद कुमार जैन ने डिजाइन किया। इन कवरों ने इंडिपेक्स के आगंतुकों को आकर्षित किया और इनकी भारी मांग रही।

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