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उत्तम सत्य धर्म पर दिए प्रवचन : जैन धर्म सत्यमेव जयते पर विश्वास करता है


 जैन धर्म का महापर्व 10 लक्षण पर्युषण महापर्व का पांचवा दिन उत्तम सत्य धर्म के रूप में मनाया गया, जिसमें आचार्य विद्यासागर जी की शिष्या ब्रह्मचारिणी गुणमाला दीदी व चंदा दीदी ने सत्य धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैन धर्म सत्यमेव जयते पर विश्वास करता है। सत्य की हमेशा जीत होती है उसे परेशान तो किया जा सकता है परंतु पराजित नहीं किया जा सकता। पढ़िए राज कुमार अजमेरा, नविन जैन की रिपोर्ट…


कोडरमा-झुमरीतिलैया। जैन धर्म का महापर्व 10 लक्षण पर्युषण महापर्व का पांचवा दिन उत्तम सत्य धर्म के रूप में मनाया गया, जिसमें आचार्य विद्यासागर जी की शिष्या ब्रह्मचारिणी गुणमाला दीदी व चंदा दीदी ने सत्य धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैन धर्म सत्यमेव जयते पर विश्वास करता है। सत्य की हमेशा जीत होती है उसे परेशान तो किया जा सकता है परंतु पराजित नहीं किया जा सकता। सत्य शब्दों में नहीं अनुभूति में होता है।

शब्दों के माध्यम से जो कहा जाता है वह पूर्ण सत्य नहीं होता, लेकिन जब तक व्यक्ति सत्य से परिचित नहीं होता तब तक अंदर के सत्य को भी नहीं पा सकता। आज व्यक्ति सत्य को भूलकर प्रत्येक समय प्रतिक्षण झूठ बोलता है मकान हो या दुकान, घर हो या ऑफिस, पत्नी हो या बच्चे, मित्र हो या पड़ोसी, सबके बीच में झूठा सत्य बोलता है। यही संस्कार बच्चों पर पड़ते हैं। सत्य की अनुभूति शब्द से नहीं सदाचरण से होती है अपने जीवन में परिवार में समाज में सत्य की आस्था पर ही अपने भविष्य को स्थापित किया जा सकता है।

आज शहर के दोनों मंदिरों में प्रातः विश्व शांति मत्रों से अभिषेक शांतिधारा किया गया, जिसमें बड़े मंदिर के मूल वेदी पर 1008 श्री पारसनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक बिनोद-संजय जैन गंगवाल, श्री विहार और प्रथम अभिषेक ललित-सिद्धार्थ जैन सेठी, दूसरी ओर से स्वर्ण झारी से शशि-रीता जैन सेठी

ओर 1008 आदिनाथ भगवान की वेदी में 1008 आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर प्रथम अभिषेक और शांतिधारा सुभाष-कुणाल ठोल्या एवं नया मंदिर जी मे 1008 शांतिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक ओर शांतिधारा प्रदीप-पीयूष-राहुल जैन छाबडा परिवार को प्राप्त हुआ। तत्पश्चात विधान की पूजन की गई, जिसमें आज अजय-अमित गंगवाल के परिवर के द्वारा मंडप पर श्री फल चढ़ाया गया। मंदिर में ब्रह्मचारी दीदी के द्वारा जैन धर्म के सबसे बड़े ग्रंथ तत्त्वार्थसूत्र का वाचन दोनों मंदिर जी में हुआ। संध्या में भव्य भजन आरती का कार्यक्रम मंदिर में किया गया, रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम सब खेलो सब जीतो मनोरंजन कार्यक्रम हुआ, जिसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, विजेताओं को पुण्यार्जक परिवार एवं समाज के पदाधिकारी राज छाबड़ा, सुरेंद्र काला, सुशील छाबड़ा, कमल सेठी, नविन-बबिता जैन सेठी के द्वारा पुरस्कृत किया गया।

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