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नवीन जैन वस्त्र त्यागकर बने जैन संत नियोग सागर महाराज : ज्ञानतीर्थ मुरैना में हुई जैनेश्वरी मुनि दीक्षा


ज्ञानतीर्थ क्षेत्र जैन मंदिर में नवीन जैन ने वस्त्रों को त्यागकर दिगम्बर रूप में मुनि दीक्षा अंगीकार की। अब वे जैन मुनि श्री नियोगसागर के नाम से जाने जाएंगे। छाणी परंपरा के सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने आगरा के बाल ब्रह्मचारी नवीन भैयाजी के दीक्षा संस्कार किए। पढ़िेए मनोज नायक की रिपोर्ट…


मुरैना। संसार से विरक्ति होने पर प्राणी को वैराग्य उत्पन्न होता है। ज्ञानतीर्थ क्षेत्र जैन मंदिर में नवीन जैन ने वस्त्रों को त्यागकर दिगम्बर रूप में मुनि दीक्षा अंगीकार की। अब वे जैन मुनि श्री नियोगसागर के नाम से जाने जाएंगे। छाणी परंपरा के सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने आगरा के बाल ब्रह्मचारी नवीन भैयाजी के दीक्षा संस्कार करते हुए कहा कि अनेकों जन्मों के संचित पुण्य के बाद लाखों मनुष्यों में से किसी एक को जैनेश्वरी मुनि दीक्षा लेने का सौभाग्य प्राप्त होता है।

प्राप्त की स्वीकृति

दीक्षा संस्कार की समस्त क्रियाओं में आचार्य श्री विभुधसागर महाराज, मुनिश्री ज्ञातसागर महाराज, प्रतिष्ठाचार्य जयकुमार निशांत टीकमगढ़, ब्र. प्रदीप जैन पीयूष जबलपुर, ब्र.संजय भैयाजी मुरैना ने सहयोग प्रदान किया। दीक्षा संस्कार करने से पूर्व आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज ने संघस्थ साधुओं, दीक्षार्थी के परिजनों, रिश्तेदारों, उपस्थित जन समुदाय से स्वीकृति प्राप्त की। दीक्षार्थी नवीन जैन ने सभी से क्षमा याचना करते हुए सभी प्राणियों को क्षमा किया।

इन्हें मिला सौभाग्य

दीक्षा से पूर्व के के जैन (चांदी वाले) आगरा ने ध्वजारोहण, अजित जैन (चांदी वाले) आगरा ने चित्र अनावरण, कालीचरण निर्मलकुमार जैन, आगरा ने दीप प्रज्वलन, एवं दीक्षार्थी नवीन भैया परिवार आगरा द्वारा पाद प्रक्षालन किया। नव दीक्षित मुनि श्री नियोगसागर महाराज को पिच्छिका व कमंडल संजय- सुशील- पवन- अजय जैन परिवार आगरा, प्रथम जिनवाणी भेंट आशु जैन, गुड़गांव ने भेट की। इस अवसर पर ब्र. ब.अनीता दीदी, मंजुला दीदी, ललिता दीदी, वंदना जैन डिप्टी कलेक्टर मुरैना, मुकेश जैन विटूमेन आगरा, ज्ञानोदय क्लब मुजफ्फर नगर एवं आगरा, के के जैन, रूपेश जैन, राजकुमार गुड्डू, आगरा सहित अंबाह, पोरसा, धौलपुर, आगरा, दिल्ली, मुजफ्फर नगर, टीकमगढ़, जौरा, बानमोर से हजारों की संख्या में गुरुभक्त उपस्थित थे। समारोह में उपस्थित सभी के लिए रूपेश जैन चांदी वाले आगरा की ओर से वात्सलय भोज की व्यवस्था की गई थी।

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