इंदौर के दलाल बाग एरोड्रम रोड पर इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जैन फोरम द्वारा जैन सितारे अवार्ड समारोह आयोजित हुआ। सभी सम्प्रदायों के आचार्य, साधु-संतों और समाज के लोगों की उपस्थिति में 65 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संतों और समाज के नेताओं ने जैन एकता को समय की आवश्यकता बताया। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर के दलाल बाग एरोड्रम रोड पर आज इतिहास रचता हुआ दृश्य देखने को मिला जब इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जैन फोरम द्वारा जैन सितारे अवार्ड समारोह का आयोजन हुआ। पहली बार दिगंबर, श्वेतांबर, तेरापंथ और ओसवाल सभी जैन सम्प्रदायों के आचार्य और साधु-संत एक मंच पर एकत्र हुए।
समारोह में पधारे परम पूज्य आचार्य विश्वरत्न सागर सूरीश्वर महाराज, परम पूज्य राजेश मुनि महाराज, कीर्ति रत्न विजय महाराज, दिगंबर आचार्य विप्रणत सागर जी, मुनि श्री अध्ययन रत्न सागर और मुनि श्री शुद्धात्म सागर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “समाज की पहचान एकजुट होकर जैन कहलाने से होगी।” सभी संतों ने एक स्वर में समाज को अपनी परंपराओं का पालन करने के साथ-साथ सामूहिक पहचान को “जैन” के रूप में स्वीकारने की प्रेरणा दी।
आयोजन के प्रमुख सूत्रधार अशोक मेहता ने अपने संबोधन में कहा – “जैन समाज का प्रभाव तभी बढ़ेगा जब हम सब एकजुट रहेंगे। बंटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे।”
समारोह में समाज की 65 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इनमें अंगदान करने वाले, भारतीय सैनिक, वरिष्ठ डॉक्टर, पत्रकार, वैज्ञानिक और विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शामिल रहे। यह सम्मान जैन समाज की गौरवमयी पहचान को और सशक्त करने का प्रतीक बना।
संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान
जैन सितारे अवार्ड के संस्थापक अशोक मेहता और कांतिलाल बंम ने वर्षों से जैन एकता के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों का संदेश दिया। उनके साथ भगवंत सिंह नागौरी, राजीव भांडावत और प्रदीप बम्बोरी का विशेष सहयोग रहा। समारोह के विशेष अतिथि कृष्ण मुरारी मोघे ने भी जैन समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन डॉ. जैनेन्द्र जैन, कैलाश वेद, निर्मल कासलीवाल, इन्द्रर सेठी, प्रदीप बड़जात्या, मंयक जैन, मनोज बाकलीवाल, अनामिका बाकलीवाल, साधना मदाभत, विजया जैन सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित हुए। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ जिसे जयेश कोठारी ने व्यक्त किया।













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