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मुरैना में 125 मंडलीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन: 27 फरवरी से श्री स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में होगा आयोजन


मुरैना में बड़े जैन मंदिर जी में स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी के सान्निध्य में 27 फरवरी से 06 मार्च तक 125 मंडलीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन हो रहा है । कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानिए हमारे सहयोगी मनोज नायक की इस रिपोर्ट में


मुरैना में श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन हो रहा है । 27 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित होन वाले इस धार्मिक विधान की पत्रिका का विमोचन किया गया । विधान समिति के मीडिया प्रभारी सुरेशचंद बाबूजी द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार की पत्रिका का विमोचन बड़ा जैन मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष अभिषेक जैन “टीटू” (आलोक प्रेस), वीरेंद्र जैन (खड़ियाहार बाले) एवं समाज के गणमान्य महानुभावों द्वारा किया गया ।

हल्दी और मेहंदी की रस्में आयोजित होंगी
कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती मुन्नीदेवी साहुला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज बड़े जैन मंन्दिर में विधान में स्वरूप बने सौधर्म इंद्र अनिल सुलोचना जैन (अम्बाह बाले), कुबेर इंद्र हेमंत-ऊषा किरण जैन (झालरापाटन), टीकाराम-शीलादेवी जैन (जैन बगीची), श्रीपाल मैनासुन्दरी नवीन-जूली जैन (चैटा बाले) सहित सभी इंद्र-इंद्राणियों एवं 125 मंडलों पर बैठने बाले श्रद्धालुओं को संगीतमय भक्ति नृत्यों के साथ मेंहन्दी एवं हल्दी लगाई जाएगी । इस अवसर पर महिला मंडलों एवं बालिका मंडलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती करुणा जैन एवं श्रीमती शशि जैन करेंगी ।

27 फरवरी को भव्य घटयात्रा निकाली जाएगी

विधान समिति के मुख्य संयोजक पदमचंद जैन ने बताया कि सोमवार 27 फरवरी को विशाल एवं भव्य घटयात्रा निकाली जाएगी । श्री नसियां जी जैन मंदिर से श्री जी को विमान में विराजमान कर समारोह स्थल ले जाया जाएगा । मुरैना के उद्योग पति, श्रावक श्रेष्ठि श्रीमान महेशचंद बंगाली एवं श्रीमान पवन जी जैन द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा । सकलीकरण,पांडाल शुद्धि,श्री जी विराजमान,अभिषेक,शांतिधारा,पूजन के पश्चात 8 दिवसीय विधान प्रारंभ होगा । विधान की समस्त धार्मिक क्रियाएं विधानाचार्य श्री संकेत जैन देवेंद्रनगर सम्पन्न कराएंगे । संगीतकार मोनू एन्ड पार्टी भोपाल, मंच कलाकार मोहित जैन ललितपुर होंगे । विधान में बैठने वाले सभी पत्रों एवं बाहर से पधारे हुए सभी साधर्मी बन्धुओं के आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था कार्यक्रम स्थल पर की गई है ।

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