भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला कर राजस्थान सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय को अनूठा उपहार दिया है। जिससे जैन समुदाय में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। ऋषभदेव जयंती के उपलक्ष्य में राजकीय एवं निजी विद्यालयों में उनके जीवन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाना अल्पसंख्यक वर्ग के लिए गर्व का विषय है। पढ़िए जयपुर से जिनेन्द्र जैन की यह पूरी खबर…
जयपुर। जैन धर्म के प्रवर्तक देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में राजस्थान के सभी विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला कर राजस्थान सरकार के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय को अनूठा उपहार दिया है। जिससे जैन समुदाय में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के ग्रुप-5 के शासन उप-सचिव राजेश दत्त माथुर ने निदेशक माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा विभाग को आदेश जारी किए हैं।
ऋषभदेव जयंती पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन
ऋषभदेव जयंती (चैत्र कृष्ण नवमी) के उपलक्ष्य में राजकीय एवं निजी विद्यालयों में देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जीवन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाना अल्पसंख्यक वर्ग के लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर सरकारी एवं निजी विद्यालयों में प्रमुख रूप से भगवान ऋषभदेव के जीवन चरित्र से सम्बन्धित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन, चार्ट बनाना, रंग-रोगन करना, पोस्टर बनाना, क्वीज प्रतियोगिता, प्रदर्शनी का आयोजन करना, निबन्ध लेखन प्रतियोगिता आयोजन करना, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई करना आदि कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
शिक्षा विभाग की अभिनव पहल
इस अवसर पर श्रमण डॉ. पुष्पेंद्र मुनी और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के संरक्षक अशोक बांठिया ने बताया कि ऋषभनवमी (23 मार्च) के अवसर पर शिक्षा विभाग के द्वारा विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाना शिक्षा विभाग की अभिनव पहल है। इसके लिए राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के द्वारा राजस्थान सरकार के समक्ष निवेदन किया था। प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थी इन प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे जिन्हे प्रथम और द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने पर प्रशस्ती-पत्र प्रदान किया जाएगा।
विद्यार्थियों को ऋषभदेव भगवान के जीवन और कार्याेँ से प्रेरणा मिलेगी
इस अवसर पर युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने बताया कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव भगवान के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव पर विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करने से विद्यार्थियों को उनके जीवन और कार्याेँ से प्रेरणा मिलेगी। जिससे वे अपने लक्ष्यों प्राप्त करने को प्रेरित होंगे। बच्चांे को जैन धर्म के इतिहास और संस्कृति एवं परम्पराओं का जानने का अवसर मिलेगा। इन कार्यक्रमों के द्वारा बच्चों में अहिंसा, अपरिग्रह के गुण विकसित होगे और सत्य वचन बोलने आदत का विकास होगा। इसके अलावा उनके द्वारा भारतीय संस्कृति में दिये गए योगदान, स्त्री शिक्षा का सूत्रपात करने के जानकारी भी बच्चो को मिलेगी।
मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया
इस अवसर पर अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री एवं तकनीकी शिक्षा तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा,विद्यालयी एवं संस्कृत शिक्षा कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, अतिरिक्त मुख्य सचिव अल्पसंख्यक मामलात विभाग अश्वनी भगत, शासन सचिव स्कूल शिक्षा एवं भाषा तथा पुस्तकालय विभाग कृष्ण कुणाल, विशिष्ट शासन सचिव प्रारंभिक शिक्षा विभाग विश्वमोहन शर्मा, शासन सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग भानू प्रकाश, शासन सचिव संस्कृत शिक्षा विभाग विश्राम मीना, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आशीष मोदी, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सीताराम जाट, निदेशक अल्पसंख्यक मामलात विभाग मातादीन मीना का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।













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