सारांश
गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य विरागोदय तीर्थ महोत्सव की भव्य शुरुआत हुई। इसमें 80 से अधिक मुनिराज और आर्यिका शामिल हो रहे हैं। इस अवसर पर शोभायात्रा भी निकाली गई। पढ़िए राजेश रागी/रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट…
पथरिया। परम पूज्य गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में विरागोदय तीर्थ महामहोत्सव का भव्य आगाज मंगलवार से हुआ। गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य आचार्य श्री विभव सागर जी के साथ भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्श सागर जी सहित मुनि श्री विहर्ष सागर,मुनि विशोक सागर, मुनि विभंजन सागर, मुनि विनिश्चल सागर, मुनि संस्कार सागर समेत 80 मुनिराज एवं आर्यिका माता जी का मंगल आगमन हुआ।
आदिनाथ चौबीसी मंदिर से भव्य आगवानी शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जिसमें डीजे, बैंड पार्टी, महिला-पुरुष दिव्यघोष, धार्मिक गणवेश में बालक-बालिका मंडल समेत हजारों की संख्या मे बाहर से पधारे हुए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पडा। घर-घर स्वागत पाद प्रक्षालन के साथ श्री पारसनाथ जैन बड़ा मंदिर में विराजमान आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज की परिक्रमा कर नमोस्तु निवेदित किया। जयघोष से सारा आकाश गुंजायमान था।
विरंजन सागर के निर्देशन में राष्ट्रीय युवा सम्मेलन
मीडिया समिति के राजेश रागी व रोहित जैन ने बताया कि बुधवार को विरागोदय महामहोत्सव के प्रारंभ मे प्रातः 7 बजे से बड़े मंदिर पथरिया से 250 से अधिक साधुओं के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जो कार्यक्रम स्थल विरागोदय पहुंची, जहां आचार्य श्री विनम्र सागर जी ससंघ ने मंगल आगवानी की।
इसके साथ ही जैन दिव्य घोष प्रतियोगिता हुई जिसमें बीस से अधिक जैन दिव्यघोष प्रतियोगी सम्मलित हुए। यति सम्मेलन ध्वजारोहण, तीर्थ लोकार्पण के साथ ही दोपहर एक बजे से श्रवण मुनि जनसंत श्री विरंजन सागर जी महाराज के निर्देशन में राष्ट्रीय स्तर का युवा सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें करीबन देश के दस हजार युवक-युवतियां सम्मिलित हुए। इस अवसर पर गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज सहित 350 साधुओं की मंगल उपस्थिति रही। श्रावकों ने मंगल प्रवचनों का लाभ भी लिया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के लोकनिर्माण विभाग मंत्री गोपाल भार्गव, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।













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