
श्रीफल जैन न्यूज़ संवाददाता कल काफी कुछ स्थितियां स्पष्ट हो गई क्या इसके बाद भी सम्मेद शिखर पर संकट को लेकर जयपुर में आंदोलन होगा ?
मनीष बैद, राजस्थान जैन महासभा – सिर्फ एक टीवी चैनल पर इस बारे में खबर प्रसारित की गई है । इसके अलावा जैन समाज के पास कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं है कि झारखंड सरकार ने अपना नोटिफिकेशन व आदेश वापस लिया है या नहीं । ये जैन समाज में भ्रम फैलाने वाली चीजें हैं । 25 दिसंबर को हर हाल में जयपुर में सकल जैन समाज, जिसमें दिगंबर और श्वेताबंर शामिल हैं । बड़ी संख्या में आंदोलन के लिए जयपुर की सड़कों पर होंगे । इसे बिल्कुल भी टाला नहीं जाएगा ।
श्रीफल जैन न्यूज़ संवाददाता – सम्मेद शिखर के इस पूरे घटनाक्रम पर आपका मत क्या है ?
मनीष बैद, राजस्थान जैन महासभा – ये हमारा शाश्वत तीर्थ है । जैन समाज के 24 में से 20 तीर्थंकरों से यहां महानिर्वाण को प्राप्त हुए हैं । इससे बड़ी जैन समाज के लिए और कोई बात नहीं हो सकती । ये हमारा सबसे बड़ा तीर्थ है । 27 किलोमीटर का ये पूरा पावन क्षेत्र है । जैन धर्मावलंबी बिना खाए-पिए इस पहाड़ी के दर्शन करते हैं , यहां तक की इस पर चढ़ाई भी नंगे पांव ही करते हैं । ये हमारे तीर्थंकरों की तपोभूमि है । ये पर्यटक स्थल कैसे हो सकता है ?
श्रीफल न्यूज़ संवाददाता सम्मेद शिखर पर अब क्या होना चाहिए ?
मनीष बैद, राजस्थान जैन महासभा – मेरा साफ मत है सम्मेद शिखर जी की सार-संभाल और विकास के लिए जैन पूरी तरह से सक्षम है । एक-एक पाई भी लगा देंगे मगर इसके संरक्षण में किसी तरह की कमी हम जैन कभी नहीं कर सकते । सम्मेद शिखर क्षेत्र में विकास और सार-संभाल के लिए जैन समितियां बनी है । वो अपना काम कर रही हैं । स्थानीय लोगों व आदिवासियों को यही समितियां गाइड करती आ रही हैं कि क्या करना है, क्या नहीं करना है । इसमें सरकार को घुसने की जरूरत नहीं है । पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक पर्यटन व आध्यात्मिकता सब का संरक्षण पूरी मेहनत, लगन और आस्था के साथ हो रहा है ।












