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जैन तीर्थों के संरक्षण को लेकर अभियान चला रहे हैं डॉक्टर जैनेंद्र जैन

डॉक्टर जैनेंद्र जैन के 77वें जन्मदिवस पर शुभकामनाएं

राजेश जैन दद्दू l दिगंबर जैन समाज सामाजिक सासंद के सर्व प्रिय मंत्री डॉ. जैनेन्द्र जैन 26 नवंबर को अपना 77वां जन्मदिन मना रहे हैं। डॉक्टर जैन देश के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की श्रमण संस्कृति के महामहिम हैं। आप यह पिछले 25 वर्षों से प्रचारित कर रहे हैं। अपने लेखन में भी वह हमेशा आचार्य श्री को महामहिम ही लिखते हैं और अवसर उपस्थित होने पर संबोधन भी करते हैं।

पिछले 2 वर्ष से आप आचार्य श्री को भारत रत्न प्रदान किया जाए, इस आशय की मांग राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से कर चुके हैं एवं इंदौर की सामाजिक सांसद के माध्यम से केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी दे चुके हैं। लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित डॉक्टर जैन तीर्थों के संरक्षण की मांग भी करते रहते हैं।

हाल ही में आपने गिरनार तीर्थ का नाम बदलकर दत्तात्रय पर्वत किए जाने का पुरजोर विरोध किया है और इस निर्णय के विरोध में संघर्ष करने की चेतावनी शासन को दी है। आप आचार्य विशुद्ध सागर जी के अनन्य भक्त हैं और देव शास्त्र गुरु सेवा में हमेशा से लगे रहते हैं।

इस अवसर पर सजीव जैन “संजीवनी” ने इन शब्दों में डॉक्टर जैन को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं…
शुभ हो, मंगल कारक हो, जन्मदिन मुबारक हो…
अज्ञान तिमिर हारक हो, आनंद का विस्तारक हो..
समृद्धि का सूर्य उदय हो, सुख-सम्पदा प्रदायक हो…”
परम मुनिभक्त, लेखक,स्पष्टवक्ता
समाज मे व्याप्त रूढ़ियों,कुरूतियों के खिलाफ, मजबूती से आवाज बुलंद करने वाले,
योग्य पत्रकार, मेरे प्रिय शुभचिंतक, स्नेही
आप सदा की भांति प्रसन्नता के सूर्य की किरण से दमकते रहें।
खुशियां सदैव आपके कर कमलों में विराजें
सदा ऐसे शब्दों से आपका परिचय हो जो आपको प्रफुल्लित और प्रेरक बनाएं।
जन्मदिन के इस अवसर पर हमारी ऐसी मधुर शुभकामनाएं स्वीकारें।

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Shreephal Jain News

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